
Bisalpur dam water level: जयपुर। राजस्थान में इस समय मौसम के हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों 13, 14 और 15 जुलाई के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी के साथ रेड अलर्ट जारी कर दिया है। खास तौर पर कोटा, उदयपुर, अजमेर, जोधपुर और जयपुर संभाग को इससे खासा प्रभावित बताया जा रहा है। इस भीषण बारिश के पूर्वानुमान ने एक ओर जहां सावधानी की जरूरत पैदा की है, वहीं दूसरी ओर यह वर्षा बीसलपुर बांध के लिए ऐतिहासिक बन सकती है।
राजस्थान के जयपुर, टोंक और अजमेर जिलों की जीवनरेखा माने जाने वाले बीसलपुर बांध के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। यह बांध अब मात्र 150 सेंटीमीटर ही खाली रह गया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यदि आगामी तीन दिनों में एक या दो बार तेज बारिश हो गई, तो त्रिवेणी में पानी का बहाव बढ़ेगा और बीसलपुर बांध जुलाई महीने में ही भर जाएगा, जो अब तक कभी नहीं हुआ है।
बीसलपुर बांध के जलस्तर का विश्लेषण किया जाए तो 16 जून 2025 को बांध का गेज 312.45 आरएल मीटर दर्ज किया गया था। इसके बाद लगातार बारिश के चलते 13 जुलाई 2025 को यह स्तर 314 आरएल मीटर तक पहुँच गया है। यानी कम से कम 1.55 मीटर पानी महज चार सप्ताह में आया है।
भीलवाड़ा और टोंक जिलों में बीते दिनों हुई अच्छी बारिश के चलते त्रिवेणी नदी का जलस्तर आठ मीटर को पार कर गया था। इसी कारण बीसलपुर में पानी तेजी से आया और अब यह मात्र 1.50 RL मीटर भरने से दूर है। मौजूदा समय में भी त्रिवेणी से लगातार पानी आ रहा है और यदि मौसम विभाग की रेड अलर्ट चेतावनी के अनुसार अगले कुछ दिनों में भारी बारिश होती है, तो यह बांध जुलाई में ही लबालब हो सकता है।
अगर बीसलपुर बांध जुलाई में भर जाता है, तो यह जल प्रबंधन इतिहास में दो नए रिकॉर्ड बना देगा।
पहला रिकॉर्ड: बीसलपुर बांध का अब तक 7 बार भराव हुआ है, लेकिन इनमें से छह बार अगस्त में और एक बार सितम्बर में हुआ। जुलाई में कभी भी यह बांध लबालब नहीं हुआ। अगर यह इस बार जुलाई में भरता है, तो यह पहली बार होगा कि बांध जुलाई माह में भरेगा।
दूसरा रिकॉर्ड: बीसलपुर बांध का निर्माण 1996 में हुआ था और पहली बार 2004 में यह भरा था। इसके बाद से यह कभी भी लगातार दो साल नहीं भरा। लेकिन 2024 में यह 6 सितम्बर को भरा था। अगर यह 2025 में भी भर जाता है, तो यह पहली बार होगा कि यह बांध लगातार दो वर्षों तक भर गया, जो अपने आप में एक अनूठा रिकॉर्ड होगा।
मौसम विभाग ने राजस्थान के कई संभागों में रेड अलर्ट जारी करते हुए भारी से अति भारी और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी दी है।
बीसलपुर बांध की स्थिति न केवल जयपुर, टोंक और अजमेर जैसे बड़े शहरों की पेयजल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि किसानों के लिए भी यह एक बड़ी राहत का संकेत है। यदि यह जुलाई में भर जाता है तो इससे आने वाले महीनों के लिए जल संकट की आशंका काफी हद तक कम हो जाएगी।
मौसम विभाग और जल संसाधन विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। त्रिवेणी का प्रवाह और बारिश की तीव्रता अगले कुछ दिनों में यह तय करेंगे कि बीसलपुर बांध इतिहास रचेगा या नहीं।
राजस्थान में एक ओर जहां भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी है, वहीं दूसरी ओर बीसलपुर बांध के पूर्ण भराव की संभावना उत्साहजनक है। यदि यह बांध जुलाई में भर जाता है, तो यह न केवल एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी, बल्कि प्रदेश के लाखों लोगों के लिए जल सुरक्षा का आश्वासन भी बनेगा। अब सभी की निगाहें अगले तीन दिनों की बारिश और बीसलपुर के जलस्तर पर टिकी हुई हैं।