
एआई तस्वीर
जयपुर। अब इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) की एप पर रेल टिकट की बुकिंग आसान होगी। भारतीय रेलवे जल्द ही इसकी नई वेबसाइट का बीटा वर्जन लॉन्च करने जा रहा है, जिसकी टेस्टिंग के बाद रेल यात्रियों को आईआरसीटीसी की नई व अधिक तेज वेबसाइट मिलेगी। रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (सीआरआईएस) के अधिकारियों ने जयपुर स्थित मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी) के छात्रों को वेबसाइट की समीक्षा करते हुए बीटा वर्जन दिखाकर फीडबैक मांगा है।
नई वेबसाइट में उन कमियों को दूर करने की कोशिश की गई है, जिनकी शिकायत यात्री लंबे समय से करते आ रहे हैं। फिलहाल वेबसाइट को नए पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस) से जोड़ा जा रहा है और इसके पूरी तरह शुरू होने में अभी कुछ माह और लगने की संभावना है। जानकारी के अनुसार एमएनआईटी के छात्रों ने कुछ सप्ताह पहले रेलवे को आईआरसीटीसी की मौजूदा वेबसाइट की तकनीकी कमियों को लेकर फीडबैक दिया था, जिसके बाद रेलवे उनमें सुधार करते हुए नई वेबसाइट लाने की तैयारी कर रहा है।
इसके तहत सबसे पहले बीटा वर्जन लॉन्च किया जाएगा। जिसके परीक्षण और फीडबैक के बाद नई एप रेल यात्रियों के लिए उपलब्ध होगी। रेलवे के अनुसार वर्तमान वेबसाइट पर टिकट बुकिंग के दौरान बार-बार कैप्चा भरना, अनावश्यक पॉप-अप आना, कई चरणों में टिकट बुकिंग पूरी करना और अलग-अलग श्रेणियों में सीट उपलब्धता देखने जैसी समस्याएं यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनती हैं। तत्काल टिकट बुकिंग के समय वेबसाइट धीमी पड़ने, लॉगआउट होने और भुगतान में देरी की शिकायतें भी लगातार मिलती रही हैं। नई वेबसाइट में इन कमियों को दूर करने का प्रयास किया गया है।
अब अनावश्यक कैप्चा और पॉप-अप नहीं होंगे, जिससे टिकट बुकिंग का समय बचेगा। सभी श्रेणियों की सीट उपलब्धता एक साथ दिखाई देगी और टिकट बुकिंग के चरण कम कर दिए गए हैं। जिससे बुकिंग पहले की तुलना में तेज होगी। बार-बार यात्रा करने वाले यात्रियों को हर बार नाम, आयु और अन्य विवरण दर्ज नहीं करने पड़ेंगे और उनकी जानकारी अगली बुकिंग में स्वतः उपलब्ध होगी।
उत्तर-पश्चिम रेलवे अधिकारियों के अनुसार वेबसाइट के साथ-साथ करीब चार दशक पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस) को भी अपग्रेड किया जा रहा है। इस सिस्टम पर ही आईआरसीटीसी सहित विभिन्न रेलवे टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म संचालित होते हैं। तकनीकी कारणों से इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है, ताकि अपग्रेडेशन के दौरान भी सेवाएं बाधित न हों। वहीं तत्काल टिकट बुकिंग में बॉट्स की दखल कम करने के लिए भी लगातार तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं ताकि वास्तविक यात्रियों को टिकट बुक करने में अधिक सुविधा मिल सके।
Updated on:
11 Jul 2026 08:54 pm
Published on:
11 Jul 2026 08:54 pm
