
Rajasthan News: पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में बिल्डिंग बायलॉज में बिल्डरों को दी गई कई छूट को भाजपा सरकार बंद करने जा रही है। इनमें वे छूट भी शामिल हैं, जो नेशनल बिल्डिंग कोड से परे जाकर दी गई थीं। आवासीय बहुमंजिला इमारतों में मैकेनिकल पार्किंग निर्माण करने का प्रावधान हटाया जाएगा। साथ ही ऐसे भूखंड साइज जिन पर बिल्डर को ग्राउंड कवरेज 40 प्रतिशत नहीं मिल पाता, उन पर सेटबैक में छूट दी जाती रही है। इस छूट को भी बंद करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा इमारत के चारों और फायर ब्रिगेड आसानी से घूम सके, इसके लिए सेटबैक भी बढ़ाए जाने की अनुशंसा की गई है। छोटे भूखंडों पर इमारत की ऊंचाई घटाने सहित ऐसे कई नए प्रावधान बिल्डिंग बायलॉज में किए जा रहे हैं। नए बायलॉज की फाइल नगरीय विकास मंत्री झाबरसिंह खर्रा तक पहुंच चुकी है।
1- मैकेनिकल पार्किंग
प्रावधान- आवासीय इमारत में कुल पार्किंग के 25 प्रतिशत तक में मैकेनिकल पार्किंग बनाई जा सकती है। बेसमेंट और स्टिल्ट फ्लोर पर इसके लिए अनुमति दी गई है।
परेशानी- जिन इमारतों में मैकेनिकल पार्किंग संचालित हैं, वहां अधिकतर मामलों में कार को निकालने की उचित व्यवस्था नहीं। केवल गार्ड के भरोसे सिस्टम। कार मालिकों को आ रही परेशानी।
2- ग्राउंड कवरेज, सेटबैक छूट
प्रावधान- मल्टीस्टोरी निर्माण के लिए बिल्डर को सामान्य रूप से 40 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज छोड़ना होता है। लेकिन कुछ भूखंडों की साइज ऐसी होती है कि वहां बिल्डर को कंस्ट्रक्शन के लिए ज्यादा जगह नहीं मिल पाती। ज्यादातर जगह सेटबैंक में कवर होती है। ऐसे मामलों में बायलॉज में छूट दी हुई है। सेटबैक कम करके उन्हें ज्यादा कंस्ट्रक्शन एरिया देने का प्रावधान है।
परेशानी- अग्निशमन वाहनों की आवाजाही के लिए 3.60 मीटर चौड़ाई का गलियारा छोड़ा जा रहा है, जो काफी नहीं है। आग लगने की घटना होने पर दिक्कत का सामना करना पड़ता है। नेशनल बिल्डिंग कोड में भी इस तरह की छूट का प्रावधान नहीं है।
मंत्री तक पहुंची फाइल
नए बिल्डिंग बायलॉज का ड्राफ्ट नगरीय विकास मंत्री झाबरसिंह खर्रा तक पहुंच गया है। मंत्री इसका अध्ययन कर रहे हैं। इसके लिए कुछ एक्सपर्ट से भी राय ली जा रही है। संभवतया अगले सप्ताह आमजन से आपत्ति-सुझाव के लिए ड्राफ्ट सार्वजनिक कर दिया जाएगा। अभी प्रदेशभर के लिए एक यूनिफाइड बायलॉज लागू है।