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स्काई पाथ-वे के लिए आइपीडी टावर बनने का इंतजार, भूमिगत मार्ग पर रिजेक्शन की तलवार

जयपुर

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Vikas Jain

Feb 09, 2026

Jaipur SMS Hospital

SMS Hospital (Patrika Photo)

जयपुर. सवाईमानसिंह (एसएमएस) अस्पताल के विभिन्न भवनों और मेडिकल कॉलेज परिसर को जोड़ने के लिए पिछले साल बजट में की गई भूमिगत मार्ग घोषणा पर रिजेक्शन की तलवार लटक गई है। जबकि स्काई पाथ-वे के लिए अभी आइपीडी टॉवर का निर्माण पूरा होने का इंतजार करना होगा। वित्त विभाग से पाथ-वे व अन्य बाहरी-आंतरिक कार्यों के लिए 150 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम शुरू होने में अभी कम से कम एक साल और लगने की आशंका जताई जा रही है।

प्रस्तावित स्काई पाथ-वे प्रोजेक्ट के तहत एसएमएस के मुख्य भवन, बांगड़, चरक, धन्वंतरि भवन, ट्रॉमा सेंटर, आइपीडी टावर, सुपरस्पेशलिटी ब्लॉक और मेडिकल कॉलेज को आपस में जोड़ा जाना है। उद्देश्य था मरीजों, डॉक्टरों और स्टाफ को जेएलएन मार्ग जैसे व्यस्त रास्ते पार करने की मजबूरी से राहत देना। हकीकत यह है कि आइपीडी टावर का निर्माण शुरू हुए बिना स्काई पाथ-वे को व्यावहारिक नहीं माना जा रहा, और इसी कारण परियोजना की शुरुआत अटक गई है।

जलभराव से अटक गया भूमिगत मार्ग

बजट में जिस भूमिगत मार्ग की घोषणा की गई थी, वह एसएमएस और मेडिकल कॉलेज को जेएलएन मार्ग के नीचे करीब 30 फीट गहराई से जोड़ने वाला था, लेकिन बारिश के दौरान जेएलएन मार्ग पर भारी जलभराव इस योजना की सबसे बड़ी बाधा बन गया है। तकनीकी स्तर पर इसे फिजिबल नहीं माना जा रहा। सूत्रों के अनुसार कॉलेज प्रशासन भी इस प्रस्ताव से सहमत नहीं है। नतीजतन, भूमिगत मार्ग पर फिलहाल ब्रेक लग चुका है।

-गत बजट में राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) में विभिन्न विकास कार्य के लिए 500 करोड़ रुपए की घोषणा की गई थी। अभी तक यह संस्थान भी राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (आरयूएचएस) के नाम से ही चल रहा है। जबकि इसके लिए आदेश भी जारी हो चुके हैं।

-जनाना अस्पताल में 4 नए ऑपरेशन थिएटर सहित नया भवन बनकर तैयार हो चुका है।

इसलिए जरूरी पाथवे प्रोजेक्ट

- इमरजेंसी में समय की बचत, सड़क पार करने का जोखिम खत्म

- बुजुर्ग, गंभीर और व्हीलचेयर मरीजों को सीधी सुरक्षित कनेक्टिविटी

- अलग-अलग भवनों में तेजी से मूवमेंट, इमरजेंसी कॉल पर मिनटों में पहुंच संभव

- ट्रैफिक और मौसम की मार से राहत, शिफ्ट बदलने और आपात ड्यूटी में सुविधा

फैक्ट शीट

घोषित बजट : 150 करोड़ (स्काई पाथवे व अन्य कार्य)

घोषणा वर्ष : पिछला बजट

वर्तमान स्थिति : काम शुरू नहीं

मुख्य अड़चन : आइपीडी टावर निर्माण, जलभराव, प्रशासनिक असहमति

लाभार्थी : रोज़ाना आने वाले हजारों मरीज, डॉक्टर व स्टाफ

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सभी बजट घोषणाओं पर काम शुरू हो चुके हैं। जनाना में नया भवन बनकर तैयार है। स्काई वे सहित अन्य कार्य के लिए वित्त विभाग की स्वीकृति मिल चुकी है। भूमिगत पद मार्ग की फिजिबिलिटी पर तकनीकी विचार चल रहे हैं।

डॉ. दीपक माहेश्वरी, प्राचार्य एवं नियंत्रक, सवाईमानसिंह मेडिकल कॉलेज