
अब RLP छोड़कर कांग्रेस गए उम्मेदाराम करेंगे 'शक्ति प्रदर्शन', क्या शामिल होंगे हनुमान बेनीवाल?
[typography_font:14pt]5 अप्रेल को मांगेंगी वोट
[typography_font:14pt;" >ज्योति मिर्धा के जारी हुए जनसंपर्क कार्यक्रम के अनुसार वे 5 अप्रेल को खींवसर विधानसभा क्षेत्र में वोट अपील करेंगे। इसके तहत वे खींवसर की जनाणा, पालड़ी जोधा, गाजू, खजवाना, रूण, औलादन, दधवाड़ा, नोखा चांदावता, रोल चांदावता, रियां श्यामदास, कडवासरों की ढाणी, हरसोलाव और भाटियों की ढाणी में जनसंपर्क करेंगी। इसी बीच टालनपुर रोड गोटन में जन जागृति सभा को संबोधित करेंगी।
नागौर सीट पर हनुमान बेनीवाल V/S ज्योति मिर्धा में बड़ा अपडेट, क्या रद्द होगा नामांकन?
[typography_font:14pt]तीसरी बार हो रहा आमना-सामना
[typography_font:14pt]ज्योति मिर्धा और बेनीवाल तीसरी बार आमने-सामने हो रहे हैं। इससे पहले 2014 और 2019 में भी दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा है। ठीक 5 साल बाद चेहरे नहीं बदले हैं, लेकिन समीकरण बदल चुके हैं। जहां 2019 में ज्योति मिर्धा कांग्रेस की प्रत्याशी थीं, तो वहीं हनुमान बेनीवाल ने उनके खिलाफ चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी। तब बेनीवाल को भाजपा का समर्थन था। इस बार की परिस्थिति में बेनीवाल कांग्रेस के समर्थन से चुनावी मैदान में हैं, तो वहीं ज्योति मिर्धा भाजपा टिकट से प्रत्याशी है।
[typography_font:14pt]जाट बाहुल्य है नागौर लोकसभा सीट
[typography_font:14pt;" >नागौर परंपरागत रूप से जाट राजनीति का प्रमुख गढ़ माना जाता है। नागौर के जातीय समीकरण पर नजर डालें तो नागौर में जाट बहुसंख्यक हैं। मुस्लिम मतदाताओं की आबादी दूसरे स्थान पर बताई जाती है। इसके अलावा राजपूत, एससी और मूल ओबीसी वोटर भी अच्छी संख्या में हैं। नागौर लोकसभा सीट पर लंबे समय तक मिर्धा परिवार का दबदबा रहा है। नागौर से सबसे ज्यादा बार सांसद बनने का रिकॉर्ड नाथूराम मिर्धा के नाम है, जो छह बार नागौर से जीते थे। नाथूराम मिर्धा परिवार जाट समुदाय से है।