- प्रचार के अंतिम दिन प्रत्याशियों ने झोंकी ताकत
विधानसभा चुनाव प्रचार की समय सीमा समाप्त होने से पहले प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस और भाजपा सहित निर्दलीयों व अन्य दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। इस बार झोटवाड़ा में भाजपा के बागी निर्दलीय आशुसिंह सुरपुरा को छोड़ किसी सीट पर अन्य दलों के व निर्दलीय प्रत्याशी भाजपा-कांग्रेस को चुनौती देते नजर नहीं आए। स्टार प्रचारकों के रोड शो के जरिये सियासी उबाल लाने में इस बार भाजपा आगे रही। वहीं कांग्रेस नेताओं ने सभाएं कर मतदाताओं को साधने की कोशिश की।
भाजपा : स्टार प्रचारकों का रहा रोड शो पर फोकस
जयपुर शहर के दस विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में करीब आधा दर्जन रोड शो पिछले दिनों हुए। इनमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस, केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी शामिल रहे। इन शो के जरिये भाजपा ने हिंदू-मुस्लिम बहुल क्षेत्र आदर्श नगर, किशनपोल और हवामहल के मतदाताओं को साधने की कोशिश की। इस बार भाजपा का प्रयास जयपुर में हिंदू मतों के ध्रुवीकरण पर रहा। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी अंतिम दो दिन जयपुर में प्रवास रहा और वे यहां एक होटल में ठहरे। जयपुर में उन्होंने प्रेस वार्ता भी की।
कांग्रेस : गहलोत-पायलट की हुईं सभाएं
कांग्रेस की बात करें तो इस बार पार्टी प्रत्याशियों के प्रचार के लिए केन्द्रीय स्तर के नेताओं के रोड शो नहीं हुए। हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर की अधिकांश और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कुछ क्षेत्रों में सभाएं की। कांग्रेस प्रत्याशियों का मुख्य जोर जनसंपर्क और नुक्कड़ सभाओं के जरिये मतदाताओं को साधने का रहा। गत चुनाव में कांग्रेस ने परकोटे की तीन आदर्श नगर, हवामहल और किशनपोल सीट सहित सिविल लाइंस सीट भाजपा से छीनी थी। इस बार पार्टी इन चारों सीटों को बरकरार रखने के लिए प्रचार में जुटी रही।