जयपुर

गुलाबी नगर में सजा संगीत का मंच, देखें कौन-कौन से सितारे पहुंचे

कहीं शहर नई प्रतिभा को संवारने का मंच बना, तो कहीं संगीत की चर्चा ने माहौल को सूफियाना बनाया

less than 1 minute read
Oct 27, 2017
jaipur
मुंबई जाती थी, दो महीने में एक बार लाइफ में पैशन और टैलेंट, दोनों जरूरी है। यह भी जरूरी है कि हमारे टैलेंट और पैशन को हमारे पैरेंट्स भी पहचान पाएं। मैं खुशकिस्मत हूं कि मेरी फैमिली में किसी का संगीत क्षेत्र से जुड़ाव ना होने के बाद भी मां ने इसे समझा और वो भी संसाधन जुटाए, जिससे म्यूजिक इंडस्ट्री में मैं मुकाम हासिल कर सकूं। म्यूजिक सीखने के लिए बचपन में मैं इंदौर से दो महीने में एक बार मुंबई आती थी। म्यूजिक के साथ जरूरतमंदों की मदद करना मेरा मिशन है। इसमें भी मुझे पैरेंट्स का फुल सपोर्ट मिला
Published on:
27 Oct 2017 09:02 pm