
Divya Maderna
राजस्थान की पूर्व विधायक और एआईसीसी सचिव दिव्या मदेरणा का हालिया यूके दौरा केवल राजनीतिक गलियारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सांस्कृतिक क्रांति का गवाह बन गया। विश्व की सबसे प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के मंच पर जब दिव्या ने अपनी बात रखी, तो पूरी दुनिया की नज़रें उनकी खास जैकेट पर टिक गईं। दिव्या ने अब खुद इस जैकेट के पीछे छिपे उस मर्म और संघर्ष का खुलासा किया है, जो पश्चिमी राजस्थान के धोरों से जुड़ा है।
दिव्या ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में उस राज़ से पर्दा उठाया जिसने सबको आकर्षित किया था। उन्होंने बताया कि इस ऑक्सफोर्ड विज़िट के दौरान उन्होंने पश्चिमी राजस्थान के पारंपरिक 'पट्टू' से बनी जैकेट पहनी थी।
दिव्या मदेरणा ने इस मंच का उपयोग राजस्थान की एक मरती हुई कला को बचाने के लिए किया। उन्होंने बताया कि कभी पश्चिमी राजस्थान के हजारों परिवारों की आजीविका का आधार रहा 'पट्टू' शिल्प आज मशीनों के दौर में खत्म हो रहा है।
उन्होंने दुख जताते हुए लिखा कि जहाँ पहले हजारों परिवार इससे जुड़े थे, आज महज कुछ दर्जन कारीगर ही इस विरासत को ढो रहे हैं। दिव्या ने कहा कि मेरे लिए राजनीति का अर्थ केवल सत्ता नहीं, बल्कि उन लोगों को पहचान दिलाना है जिनकी आवाज़ सबसे कम सुनी जाती है।
दिव्या का मानना है कि यदि इस पट्टू जैकेट को पहनकर किसी रेगिस्तानी बुनकर ने गर्व महसूस किया है, तो उनकी ऑक्सफोर्ड यात्रा सफल रही। उन्होंने साबित कर दिया कि राजस्थानी संस्कृति केवल महलों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह धोरों की झोपड़ियों में बुने जाने वाले धागों में बसती है।
दिव्या मदेरणा को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के 'ब्लावाटनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट' (Blavatnik School of Government) में 'भारत में महिला शक्ति और सार्वजनिक जीवन' (Women, Power, and Public Life in India) विषय पर व्याख्यान के लिए आमंत्रित किया गया था।
दिव्या मदेरणा ने ओसियां क्षेत्र में अपने राजनीतिक अनुभवों का उल्लेख करते हुए बताया कि जनता का भरोसा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि “जब नेतृत्व जवाबदेह, सुलभ और जनसेवा के प्रति समर्पित होता है, तभी समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव होता है।”
सत्र के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने शासन, लैंगिक समानता, युवा नेतृत्व और सार्वजनिक संस्थाओं की भूमिका जैसे विषयों पर सवाल पूछे। मदेरणा ने इन सवालों के विस्तार से जवाब देते हुए भारतीय लोकतंत्र के विविध पहलुओं को स्पष्ट किया। उन्होंने इस संवाद को “बौद्धिक रूप से समृद्ध और प्रेरणादायक” बताया।
विश्व के सबसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में से एक ऑक्सफोर्ड में दिया गया यह संबोधन न केवल दिव्या मदेरणा के राजनीतिक कद को दर्शाता है, बल्कि यह राजस्थान और भारत के लिए भी गर्व का विषय है। यह घटना वैश्विक मंच पर भारतीय युवा महिला नेतृत्व की बढ़ती पहचान और प्रभाव को भी रेखांकित करती है।
Updated on:
03 May 2026 03:26 pm
Published on:
03 May 2026 03:09 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
