जयपुर

सांसों की कीमत ‘वेंटिलेटर’ पर, महकमा मौन

- तेजी से मिल रहे हैं पॉजिटिव मरीज

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Apr 03, 2020
सांसों की कीमत है यहां 'वेंटिलेटर' पर

उदयपुर. यहां सांसों की कीमत वेंटिलेटर्स पर अटकी हुई है। शहर में एक के बाद एक पॉजिटिव मरीज सामने आ रहे हैं, लेकिन चिकित्सा विभाग के पास केवल 250 वेंटिलेटर्स ही है। हालात ये है कि अधिकांश वेंटिलेटर्स केवल कागजों में ही चल रहे हैं। न तो विभाग ने इनका फिजिकल वेरिफिकेशन करवाया है और न ही महाराणा भूपाल हॉस्पिटल ने। हालात ये है कि हॉस्पिटल के पास भी जो 100 वेंटिलेटर्स बताए जा रहे हैं, उनमें से 40 वेंटिलेटर्स तो बाल चिकित्सालय की नर्सरी, एनआईसीयू व अन्य व्यवस्थाओं में है। 6 में से एक कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति को सांस की शिकायत होने पर तथा कुछ मरीजों को एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम की शिकायत के लिए जरूरत पडऩे के लिए हैै।

मरीजों की संख्या के साथ वेंटिलेटर की जरूरत भी बढ़ेगी

- देश में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढऩे के साथ ही वेंटिलेटर की जरूरत भी बढ़ेगी। एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री (एआइएमईडी) के अनुसार मई तक कम से कम दो लाख से ज्यादा वेंटिलेटर की जरूरत होगी। लेकिन, देश में अभी 55 हजार वेंटिलेटर ही हैं। वेंटिलेटर की मांग पूरी करने के लिए मारुति, महिंद्रा, कल्याणी, टाटा मोटर्स, हुंडई के अलावा कई अन्य कंपनियों ने इसके निर्माण में अपने संसाधनों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। एआईएमईडी का आकलन है कि कोरोना के मामले जब सबसे ज्यादा होंगे, तब देश को 15 मई तक 1.10 लाख से 2.20 लाख वेंटिलेटर की जरूरत होगी।

- एआइएमईडी फोरम का सरकार के सामने दावा है कि 20 कंपनियों के संगठन ने सरकार को भरोसा दिलाया है कि हर महीने 50 हजार वेंटिलेटर उपलब्ध करवाए जाएंगे, जबकि अभी यह क्षमता 5500 से 5700 की है।

पहले बनाते थे 400 अब 4 हजार
स्कान-रे कंपनी के अनुसार अभी वह दो हजार वेंटिलेटर हर महीने बना रही थी, जिसे बढ़ाकर पांच हजार कर दिया। वह मई तक हर महीने 30 हजार वेंटिलेटर बनाएगी। आमतौर पर प्रतिमाह 400 वेंटिलेटर बनाने वाली आग्वा कंपनी अब हर महीने 4 हजार वेंटिलेटर बना रही है। वह मई तक हर महीने 10 हजार वेंटिलेटर मुहैया करवाएगी। कुल 10 कंपनियां इस काम में जुटी है। सरकार ने अभी तक 47 हजार वेंटिलेटर का ऑर्डर दिया है।

इनका कहना है

- कोरोना वार्ड में वेंटिलेटर्स की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है। अभी 16 है, जिसे 40 करेंगे।
- डॉ. आरएल सुमन,अधीक्षक

- फिलहाल संख्या ठीक है, लेकिन यदि जरूरत बढ़ती है तो तत्काल व्यवस्था करेंगे-
डॉ. दिनेश खराड़ी, सीएमएचओ

Published on:
03 Apr 2020 11:04 pm
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