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जयपुर: 14वीं मंज़िल से कूदकर बिज़नसमेन का SUICIDE, 10 करोड़ का था क़र्ज़, सुसाइड नोट में कई खुलासे

जयपुर: 14वीं मंज़िल से कूदकर बिज़नसमेन का SUICIDE, 10 करोड़ का था क़र्ज़, सुसाइड नोट में कई खुलासे
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Dec 25, 2018
Businessmen Suicide in Jaipur jumping from 14 floor building

जयपुर।

शेयर ट्रेडिंग और डिब्बा ट्रेडिंग (वायदा कारोबार) के कारण हुए नुकसान और 10 करोड़ के कर्ज से परेशान एक चाय व्यापारी ने सोमवार सुबह एक अपार्टमेंट की चौदहवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।

भांकरोटा थानाधिकारी बृजभूषण अग्रवाल ने बताया कि महापुरा रोड स्थित अपार्टमेंट की छत से सुबह 9 बजे एक व्यक्ति के कूदकर आत्महत्या कर लेने की सूचना मिली थी। मृतक के पास मिले मोबाइल फोन से उसकी पहचान श्यामनगर पंचशील कॉलोनी निवासी प्रदीप जैन के रूप में हुई। मृतक के बेटे से संपर्क कर पुलिस घर पहुंची तो 4-5 अलग-अलग पेजों पर सुसाइड नोट लिखा मिला। इसमें उसने आसाम के कई व्यापारियों के नाम के साथ लिखा है कि मैं इनका वक्त पर भुगतान नहीं कर सका। इस कारण इन व्यापारियों ने जयपुर आकर धमकियां दीं, मारपीट की।

पहले भी सोचा, आत्महत्या कर लूं
पूछताछ में मृतक के बेटे ने पुलिस को बताया कि प्रदीप सुबह करीब 8 बजे घर से गाड़ी लेकर निकले थे। देर तक कुछ पता नहीं चला तो श्यामनगर पुलिस को सूचित किया। प्रदीप पर लगभग 10 करोड़ रुपए कर्ज का अनुमान है। वह कई दिन से तनाव में थे और एक-दो बार पहले भी आत्महत्या करने की सोची थी।

लेनदार देते थे धमकियां
प्रदीप ने चार-पांच अलग-अलग पन्नों का सुसाइड नोट लिखा था। इनमें एक श्यामनगर थाने के नाम भी लिखा। इसमें उसने लिखा कि मैं चाय का व्यापारी हूं और पिछले 2 साल से मुझे काफी नुकसान हो गया है। चाय के व्यापार के अलावा शेयर ट्रेडिंग व डिब्बा ट्रेडिंग करने लगा, जिससे मुझे नुकसान हुआ। इस कारण आसाम की फर्म का भुगतान करने में लेट हो गया। पिछले दिनों वे लोग यहां आए और मुझे एक होटल में बुलाया। तब उन्हें घर बुलाकर कुछ भुगतान तो किया लेकिन वे धमकियां देने लगे। घर से कम्प्यूटर व मोबाइल ले गए। होटल बुलाकर धमकाते और कई कागजों पर हस्ताक्षर करा लिए। वे परिवार को मारने की धमकी देते। कहते कि बोरे में बंद कर 20-25 चूहे डाल देंगे।

लिखा, यही एकमात्र रास्ता
सुसाइड नोट में प्रदीप ने परिवार के ज्यादातर सदस्यों के नामों का उल्लेख किया है। उसने लिखा, मेरे बेटे का कोई दोष नहीं है। नुकसान मुझसे हुआ है, उसे कोई परेशान नहीं करे। प्रदीप ने ये नोट अलग-अलग दिन लिखे थे। इनमें प्रदीप ने कभी पत्नी तो कभी बच्चों से माफी मांगते हुए लिखा कि अब आत्महत्या ही एकमात्र रास्ता है।

Published on:
25 Dec 2018 08:37 am