
जयपुर। सीएए-एनआरसी के विरोध में पिछले 25 दिनों से चल रहे महिलाओं के अनिश्चितकालीन धरने में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर धरना स्थल पर ही हैंडमेड मार्किट भी लगाया गया। हैंडमेड मार्किट में महिलाओं ने अपने हुनर को पेश किया।
आर्टिफिशियल ज्वैलरी अपने हाथों से बनाए हुए कुशन कवर, लेडिस सूट्स, मोजे-टोपी और प्लास्टिक की थैलियों से बनाया पर्स जैसे उत्पाद सजाए गए। महिलाओं की ओर से तैयार किए गए हस्त निर्मित उत्पादों को खरीदने के लिए काफी भीड़ उमड़ी। तो वहीं बच्चों ने फैंसी ड्रेस में अलग-अलग रोल अदा किए।
कोई झांसी की रानी तो कोई रजिया सुल्तान कोई भगत सिंह बन कर आए। इसके अलावा स्कूली छात्राओं ने मुशायरे का आयोजन कर देशप्रेम से ओतप्रोत कविताएं पेश की। आयोजकों ने बताया कि हैंडमेड बाजार लगातार लगा रहेगा।
जिन महिलाओं ने अपने हाथों से सामान बनाए हैं उनको बेच कर उसका पैसा उन्हें दिया जाएगा। गौरतलब है कि धरने में शामिल अधिकांश महिलाएं अपनी जीविका उपार्जन के लिए काम करती हैं। धरने के दौरान महिलाएं हैंडमेड का काम भी करती है, इसलिए जो उत्पाद उन्होंने तैयार किए हैं उन्हें हैंडमेड मार्किट में बेचा जाएगा, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ भी प्राप्त होगा।