
CBSE 12th Result 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने आज कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। विद्यार्थी अपना रोल नंबर, स्कूल कोड और एडमिट कार्ड आईडी दर्ज कर अपना स्कोरकार्ड देख सकते हैं।
राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, कोटा और अजमेर जैसे प्रमुख शहरों में परिणाम को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। विशेष रूप से कोटा में रहकर नीट (NEET) और जेईई (JEE) की तैयारी कर रहे प्रदेशभर के हजारों छात्रों के लिए यह परिणाम निर्णायक है।
बता दें कि बीते दो दिनों से मिल रहे अपडेट्स ने पेरेंट्स और स्टूडेंट्स की धड़कनें बढ़ा दी थीं। लेकिन अब परिणाम सामने आने के बाद स्कूलों में मिठाई बांटने का दौर शुरू हो गया है। इस वर्ष भी राजस्थान के कई मेधावी छात्रों ने विज्ञान, वाणिज्य और मानविकी संकाय में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का मान बढ़ाया है।
स्टेप 1- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं, https://www.cbse.gov.in/
स्टेप 2- “CBSE 12th Result 2026” लिंक पर क्लिक करें
स्टेप 3- रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी दर्ज करें
स्टेप 4- स्क्रीन पर रिजल्ट दिखाई देगा
सीबीएसई ने बुधवार को बारहवीं का परिणाम घोषित कर दिया। लगातार 19 वें साल बेटियां टॉप पर रही हैं। अजमेर रीजन में छात्राओं का परिणाम 90.14 प्रतिशत (पिछले साल 93.30 ) और छात्रों का परिणाम 84.26 प्रतिशत (पिछले साल 88.31) रहा है।
छात्राओं के परिणाम में पिछले साल के मुकाबले 3.31 प्रतिशत, छात्रों के परिणाम में 4.05 प्रतिशत की गिरावट हुई है। छात्रों के मुकाबले छात्राओं का परिणाम 5.88 प्रतिशत अधिक रहा है। अजमेर रीजन का कुल परिणाम 86.78 प्रतिशत (पिछले साल 90.40) रहा है। अजमेर रीजन देश में 11 स्थान (बीते साल 10 वें) पर रहा है।
राजस्थान में CBSE 12वीं परीक्षा में इस बार छात्राओं ने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया। प्रदेश से कुल 88,118 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें 50,354 छात्र और 37,564 छात्राएं शामिल थीं। परिणाम में 42,427 छात्र और 34,042 छात्राएं सफल रहीं। छात्रों का पास प्रतिशत 84.26% जबकि छात्राओं का रिजल्ट 90.14% दर्ज किया गया।
इस बार एक खास बदलाव यह रहा कि CBSE ने पहली बार 10वीं के रिजल्ट के बाद 12वीं का परिणाम जारी किया। 10वीं का परिणाम 15 अप्रैल को घोषित किया गया था। बोर्ड ने इस वर्ष मूल्यांकन प्रक्रिया में ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम अपनाया, जिससे रिजल्ट 52 दिनों में जारी किया गया। हालांकि, पिछले साल बोर्ड ने 49 दिनों में ही परिणाम घोषित कर दिया था।