
टीकाराम जूली का Gen-Z से संवाद (Photo-Patrika)
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने स्वतंत्रता दिवस (August 15) के अवसर पर गांधी वाटिका में युवाओं के साथ संवाद किया। ‘People for Democracy’ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं सहित करीब 100 युवाओं ने शिक्षा, रोजगार, पेपर लीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्कूलों के बुनियादी ढांचे, भ्रष्टाचार और राजनीति में युवाओं की भागीदारी जैसे मुद्दों पर सीधे सवाल किए।
‘India @ 80’ थीम पर आयोजित संवाद के दौरान जूली ने कहा कि युवाओं को केवल सरकारी योजनाओं के लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि शासन और लोकतंत्र के बराबर के भागीदार के रूप में देखा जाना चाहिए। युवाओं द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण मुद्दों को आगामी विधानसभा सत्र में उठाने का उन्होंने आश्वासन दिया।
रामगंज निवासी और NEET की तैयारी कर रही आयशा ने बार-बार होने वाले पेपर लीक की समस्या पर सवाल करते हुए पूछा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा कैसे हो और पेपर लीक रोकने की क्या गारंटी है। जूली ने कहा कि वे इस मुद्दे को विधानसभा में प्रमुखता से उठाएंगे और परीक्षा व्यवस्था को लीक-प्रूफ बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा, “व्यवस्था की नाकामी का खामियाजा छात्रों को नहीं भुगतना चाहिए।” उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस राजस्थान में सत्ता में आती है तो देशभर की एजेंसियों और विशेषज्ञों की मदद लेकर पेपर लीक रोकने के लिए उपलब्ध बेहतर व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जाएगा, ताकि राज्य स्तरीय भर्ती परीक्षाएं पेपर लीक के कारण रद्द न हों।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव और विद्यार्थियों की तकनीक तक पहुंच के सवाल पर जूली ने कहा कि कई AI सेवाएं पेड सब्सक्रिप्शन पर उपलब्ध हैं, जिन्हें हर छात्र वहन नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस सत्ता में आती है तो विद्यार्थियों को AI टूल्स के पेड सब्सक्रिप्शन तक पहुंच दिलाने के लिए सरकारी स्तर पर सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि AI के रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव का भी गंभीरता से अध्ययन किया जाना जरूरी है।
युवाओं द्वारा राजस्थान में IT क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को लेकर पूछे गए सवाल पर जूली ने कहा कि जयपुर में देश का प्रमुख IT और AI हब बनने की पूरी क्षमता है। उन्होंने कहा, “जयपुर में किसी चीज की कमी नहीं है। भविष्य में राजधानी के आसपास नई तकनीक आधारित सिटी या हब विकसित करने के विचार पर काम किया जा सकता है।” उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल सरकारी नौकरियों के पीछे सीमित रखने के बजाय कौशल विकास, मानव संसाधन विकास और नए उद्योगों के विस्तार पर ध्यान देना होगा।
संवाद के दौरान सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों, शिक्षकों की कमी और विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न विरोध प्रदर्शनों का मुद्दा भी उठा। जूली ने कहा कि राज्य में 45 हजार से अधिक स्कूलों में मरम्मत की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बच्चों को असुरक्षित कक्षाओं में पढ़ने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्कूलों के बुनियादी ढांचे का मुद्दा विधानसभा में उठाया जाएगा।
युवाओं के बीच सरकारी नौकरियों को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर जूली ने कहा कि सरकारी नौकरियों में उपलब्ध पदों की संख्या और उनके लिए तैयारी करने वाले युवाओं की संख्या के बीच बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि इसका समाधान कौशल विकास और मानव संसाधन विकास में है। युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप कौशल एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ राजस्थान में उद्योगों का विकास करना जरूरी है। उन्होंने छोटे व्यवसायों और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने की जरूरत पर भी जोर दिया, ताकि आर्थिक विकास का लाभ समाज के निचले स्तर तक पहुंचे और रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
राजनीति में युवाओं की भागीदारी को लेकर पूछे गए सवाल पर जूली ने कहा कि कांग्रेस युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए अधिक अवसर देने पर विचार कर रही है। उन्होंने युवाओं से सार्वजनिक जीवन में आने का आह्वान किया, लेकिन राजनीति को व्यवसाय नहीं बनाने की नसीहत भी दी। उन्होंने कहा, “राजनीति सेवा है। अगर आप राजनीति में इसे व्यवसाय समझकर आ रहे हैं तो मत आइए।” उन्होंने युवाओं से विधानसभा की कार्यवाही देखने और यह समझने का भी आह्वान किया कि उनके मुद्दे सदन में किस तरह उठाए और उन पर चर्चा की जाती है। उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान गांधी वाटिका में महात्मा गांधी को एक युवा बालक के साथ दर्शाती प्रतिमा की ओर इशारा करते हुए जूली ने कहा कि गांधी ने युवा पीढ़ी को आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया और आज भी उनके विचार युवाओं के लिए प्रासंगिक हैं। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के सेनानियों के त्याग को याद करते हुए कहा कि आजादी के लिए संघर्ष करने वालों ने कभी यह नहीं सोचा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से इससे क्या मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश और समाज के लिए काम करने की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।
जूली ने जवाहरलाल नेहरू द्वारा संस्थानों और बुनियादी ढांचे की नींव रखने, इंदिरा गांधी द्वारा बैंकों के राष्ट्रीयकरण, राजीव गांधी द्वारा IT क्रांति, अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा राजमार्ग और नदी जोड़ने की सोच तथा मनमोहन सिंह द्वारा आर्थिक संकट के दौर में देश की अर्थव्यवस्था को संभालने में निभाई भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज लोकतंत्र को मजबूत करती है और उनके सवालों को विधानसभा तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है।
Updated on:
16 Aug 2026 05:29 pm
Published on:
16 Aug 2026 05:29 pm
