
ANTF की गिरफ्त में आरोपी (फोटो सोशल मीडिया)
ANTF Udaipur Operation: राजस्थान की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 6 साल से फरार चल रहे मोस्टवांटेड मादक पदार्थ तस्कर पप्पूलाल उर्फ पप्पू को उदयपुर के सेलिब्रेशन मॉल से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, नागौर और नीमच (मध्यप्रदेश) पुलिस की ओर से कुल 65 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
बता दें कि आरोपी के खिलाफ राजस्थान और मध्यप्रदेश के अलग-अलग थानों में एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, पुलिस टीम पर फायरिंग और मारपीट जैसे गंभीर अपराधों के 16 से अधिक मामले दर्ज हैं। वह चार साल पहले भीलवाड़ा जिले में नाकाबंदी के दौरान दो पुलिस कांस्टेबल की गोली मारकर हत्या करने के मामले में भी मुख्य आरोपी था।
ANTF अधिकारियों के अनुसार, आरोपी पुलिस से बचने के लिए अत्याधुनिक तरीके अपनाता था। वह न तो कभी मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता था और न ही अपने निजी वाहन से यात्रा करता था। एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए वह हमेशा साधारण यात्री बसों का ही सहारा लेता था।
शनिवार को ANTF टीम को सूचना मिली कि आरोपी उदयपुर में देखा गया है। ANTF की विशेष टीम तुरंत हरकत में आई और उसके संभावित ठिकाने शास्त्रीनगर (सेक्टर-3, हिरण मगरी) पहुंची। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से ठीक पहले आरोपी वहां से निकलकर सेलिब्रेशन मॉल चला गया। पुलिस टीम ने तुरंत पीछा किया और मॉल के भीतर सामान्य खरीदार बनकर प्रवेश किया।
मॉल के अंदर पुलिस टीम को देखकर आरोपी ने आम ग्राहकों की भीड़ में छिपने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे चारों तरफ से घेरकर धर दबोचा। इस पूरी कार्रवाई में ANTF उदयपुर यूनिट के कांस्टेबल धनराज, कुलदीप और प्रदीप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आरोपी पप्पूलाल (33), निवासी हांडीपुरा (नीमच, मध्यप्रदेश) ने 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद खेती शुरू की थी। लेकिन जल्द ही मोटी कमाई के चक्कर में अफीम और डोडा-चूरा की तस्करी में शामिल हो गया। वर्ष 2018 में उसके खिलाफ एमपी के सिंगोली थाने में तस्करी का पहला मामला दर्ज हुआ था, जिसमें वह एक साल जेल में रहा। जेल से छूटने के बाद उसने तस्करी का नेटवर्क और बड़ा कर लिया।
अप्रैल 2021 में भीलवाड़ा के कोटड़ी और रायला थाना क्षेत्रों में नाकाबंदी के दौरान उसने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी, जिसमें दो पुलिस जवान ऊंकार रायका और पवन चौधरी शहीद हो गए थे। इसके बाद से ही वह लगातार फरार चल रहा था।
वह मध्यप्रदेश के अफीम उत्पादक किसानों को लालच देकर उनसे मादक पदार्थ इकट्ठा करता था और मारवाड़ (जोधपुर, बाड़मेर, फलौदी) के तस्करों को डोडा-चूरा की गाड़ियां भरकर भिजवाता था। इस अवैध धंधे से उसने करोड़ों रुपए की काली संपत्ति अर्जित कर ली थी, जिस पर वर्ष 2022 में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो कोटा ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया था।
आरोपी पप्पूलाल के खिलाफ वर्तमान में भीलवाड़ा (कोटड़ी), चित्तौड़गढ़ (बेगूं), जोधपुर (बिलाड़ा), फलौदी (लोहावट), श्रीगंगानगर (राजियासर), मध्यप्रदेश के रतनगढ़ व जावद थाने और CNB कोटा में गंभीर मामले दर्ज हैं। आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे मारवाड़ और मध्यप्रदेश के बड़े तस्करी नेटवर्क के अन्य खुलासे होने की संभावना है।
Updated on:
16 Aug 2026 02:45 pm
Published on:
16 Aug 2026 02:44 pm
