जयपुर

राजधानी में बढ़ रहा लुटेरों का आतंक, एक ही दिन में की चार वारदात

दो जगह सीसीटीवी कैमरों में दिखा बदमाश
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Mar 09, 2019
chain snatcher
राजधानी में बढ़ रहा लुटेरों का आतंक, एक ही दिन में की चार वारदात

जयपुर. शहर में बेखौफ चेन लुटेरों का आंतक दूसरे दिन भी बरकरार रहा। शुक्रवार को भी चार थाना इलाकों में चेन तोडऩे की वारदात हुईं। छह घंटे तक लुटेरे काली बाइक पर सवार होकर महिलाओं के गले से एक के बाद एक सोने की चेन लूटते गए और बेखौफ होकर आगे बढ़ते गए। वायरलैस पर एक के बाद एक सूचनाएं आती रही और पुलिस चेन लुटेरों की तलाश में इधर-उधर दौड़ लगाती रही मगर बदमाशों का सुराग नहीं लगा।

पहली घटना, दोपहर 11.15 बजे
पहली वारदात सोडाला में नंदपुरी कॉलोनी निवासी प्रेम खंडलेवाल (58) के साथ हुई। महिला दोपहर सवा बजे पड़ोसियों को फागोत्सव का निमंत्रण देने जा रही थी। इस दौरान पीछे से आए बाइक सवार बदमाशों ने गले पर झपट्टा मारकर चेन तोड़ ली और फरार हो गए।

दूसरी घटना, दोपहर 12.15 बजे
इसके एक घंटे बाद दोपहर सवा दो बजे जवाहर सर्किल थाना इलाके में अखिल नगर में पूनम जोशी घर के बाहर स्कूटी खड़ी कर रही थी, तभी बाइक पर दो बदमाश आए और गले पर झपट्टा मारकर चेन तोड़ ली।

तीसरी घटना, शाम 6.45 बजे
मुरलीपुरा थाना इलाके शाम 6.45 बजे मुन्नी देवी (54) बेटे प्रीतम के साथ बाइक पर केडिय़ा पैलेस चौराहे से दादी के फाटक अपने घर जा रही थी। बाइक सवार दो बदमाश तेज गति से पीछे आए और झपट्टा मार दिया। बदमाशों का पीछा भी किया भी किया लेकिन वे फरार हो गए।

चौथी घटना, शाम 7.15 बजे
झोटवाड़ा थाना इलाके में भी लुटेरों की बेखौफ वारदात सामने आई। शुक्रवार शाम 7.15 बजे बजे बाइक पर सवार लुटेरों ने रानी कॉलोनी निवासी अंजना शर्मा (34) को निशाना बनाया। लुटेरे अंजना की चेन तोड़ ले गए। पीडि़ता निवारू रोड पर नेताजी की चक्की के पास मार्केट गई थी।

पत्रिका व्यू: लुटेरे यहां, पुलिस कहां
लु टेरों-बदमाशों ने राजधानी में पुलिस को खुली चुनौती दे रखी है। वे बेखौफ होकर एक के बाद एक वारदात को अंजाम दे रहे हैं। लूटपाट, फायरिंग, चोरी, चेन छीनने, गाडिय़ां तोडऩे जैसी घटनाओं से आम शहरी में दहशत है। महिलाएं न घर में सुरक्षित हैं, न बाहर। सड़क पर निकलें तो गले पर झपट्टा मारकर कभी चेन और मंगलसूत्र तो कभी मोबाइल छीन भागते हैं। घर में रहें तो वहां भी घुस आते हैं। पहले एक दिन में एक-दो चेन लूट की घटनाएं हो रही थीं, अब चार-पांच महिलाएं शिकार हो रही हैं। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? क्या बदमाशों में पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है? क्या लुटेरों के आगे पुलिस कमजोर है? सवाल यह भी है कि शहर पुलिस की हर बड़ी पोस्ट पर नए अफसरों की तैनाती हो गई है और 'क्राइम कंट्रोलÓ का वादा कर उन्होंने कुर्सी संभाली है। उनके वादे का क्या हुआ? दरअसल पुलिस का बीट सिस्टम पूरी तरह खोखला साबित हो चुका है। इस सिस्टम मेें 360 डिग्री बदलाव की आवश्यकता है। पुलिस को चाहिए कि वह दिन-रात सड़क पर तैनात रहे। जनता के लिए न केवल कवच बने बल्कि कवच बनी हुई दिखे भी।

Published on:
09 Mar 2019 10:18 am