
एक नए शोध में यह पाया गया है कि जो वयस्क दिन में कम से कम एक शुगर ड्रिंक पीते हैं, उन्हें न पीने वालों की तुलना में डिस्लाइपिडेमिया या उच्च स्तर के अस्वास्थ्यकर वसा (जैसे एलडीएल कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड्स) का खतरा होता है, जो कि हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ा सकता है।
डिस्लाइपिडेमिया तब होता है, जब आपके कोलेस्ट्रॉल का स्तर सामान्य सीमा से अधिक होता है। शोध के अनुसार अमरीका के एक-तिहाई लोगों का कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ा हुआ है। डॉक्टरों का मानना है कि बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल की वजह से हृदय रोगों और स्ट्रोक की आशंका बढ़ जाती है। यही वे दो कारण हैं, जो कि अमरीका में मृत्यु के सबसे बड़े कारक हैं। शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन में अन्य कारक जो कि कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर को प्रभावित कर सकते हैं, जैसे मोटापा, समग्र आहार गुणवत्ता, शारीरिक गतिविधि, शराब का सेवन और कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाओं का उपयोग आदि को भी शामिल किया। उन्होंने यह निर्धारित करने के लिए प्रश्नावली का उपयोग किया कि प्रतिभागियों ने कौन से पेय का सेवन किया और कितनी बार किया। उन्होंने पेय पदार्थों को दो श्रेणियों में अलग किया जिसमें मीठे पेय जैसे पूर्ण चीनी कार्बोनेटेड पेय और फलों के पेय और कम कैलोरी वाले मीठे पेय जैसे कि चीनी के विकल्प (आहार सोडा) के साथ कार्बोनेटेड पेय शामिल थे। सभी प्रतिभागियों में बहुत समान कैलोरी का सेवन था, जो पेय पदार्थ (पूर्ण चीनी या कम कैलोरी) को सबसे पहचानने योग्य कारक बनाता है। शोधकर्ताओं के अनुसार शुगर डिं्रक समय के साथ-साथ बॉडी में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को खराब करती चली जाती हैं। डॉक्टरों का मानना है कि कोलेस्ट्रॉल के स्तर को सामान्य रखने के लिए स्वस्थ्य आहार पर ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा नियमित रूप से व्यायाम भी आपको कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद करने का काम करता है।