
जयपुर। बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा स्कूल में निरीक्षण करने पहुंची CJP टीम के साथ मारपीट और हिंसा के मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। मामले को लेकर जयपुर के DCP साउथ राजर्षि राज वर्मा ने कहा कि पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से दी गई शिकायतों के आधार पर दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं। फिलहाल मामले की जांच प्रारंभिक चरण में है और पुलिस घटनाक्रम से जुड़े लोगों के बयान दर्ज कर रही है।
DCP साउथ ने बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से भी FIR दर्ज कराई गई है और ग्रामीणों की ओर से भी एफआईआर दर्ज कराई गई है। दोनों पक्षों की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस मौके का नक्शा तैयार कर रही है और मामले से जुड़े साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है। जांच के दौरान जो तथ्य और सबूत सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, CJP के नेशनल स्पोक्सपर्सन आशुतोष रांका ने इस घटना को सुनियोजित हमला बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के दौरान बाहर से लोगों को बुलाया गया था और CJP टीम के साथ मारपीट की गई। रांका के मुताबिक, जिन लोगों पर हमले में शामिल होने का आरोप है, उनकी तस्वीरें CJP की ओर से सोशल मीडिया पर सार्वजनिक की गई हैं। उन्होंने दावा किया कि इनमें कुछ लोग घटना से एक रात पहले स्थानीय विधायक कैलाश वर्मा के साथ बैठे नजर आए थे।
आशुतोष रांका ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि घटना के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद नहीं थी और लगातार संपर्क करने के प्रयासों के बावजूद तत्काल मदद नहीं मिली। उन्होंने कहा कि CJP ने घटना से जुड़े वीडियो सार्वजनिक कर दिए हैं और यदि दूसरे पक्ष के पास भी कोई वीडियो है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
रांका ने कहा कि CJP की लीगल टीम मौके पर मौजूद थी और घटना के बाद शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर FIR दर्ज होने की जानकारी उन्हें मिली है। उन्होंने कहा कि CJP डरने या पीछे हटने वाली नहीं है और स्कूलों की स्थिति को लेकर अभियान जारी रहेगा।
उन्होंने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इस घटना के बाद राजस्थान के स्कूलों की स्थिति का मुद्दा और व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा। रांका ने दावा किया कि अब उनकी मांग सिर्फ स्कूलों की स्थिति सुधारने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच जारी है। दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में वास्तव में क्या हुआ और कौन-कौन लोग इसमें शामिल थे। पुलिस ने जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई करने की बात कही है।