आवश्यकता होने पर जिला कलक्टर एम्बुलेंस अधिग्रहण कर सकेंगे या फिर किराए पर करा सकेंगे संचालन
अश्विनी भदौरिया / जयपुर। कोविड संक्रमित मरीजों को भर्ती से रेफर करने तक एम्बुलेंस की नि:शुल्क सुविधा मिलेगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसके निर्देश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को दिए हैं।
आदेश पर गौर करें तो सभी जिलास्तरीय वार रूम के साथ-साथ प्रदेश में खंड स्तर पर स्थापित कोविड कन्सल्टेंशन सेंटर और कोविड केयर सेंटर पर भी मरीजों को भर्ती करने और डेडीकेटेड अस्पताल में रेफर करने के लिए पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। मरीजों के लिए यह एम्बुलेंस सुविधा नि:शुल्क रहेगी। एम्बुलेंस के रूप में जिले में उपलब्ध 108 और 104 सेवा के वाहनों का उपयोग किया जाएगा। आवश्यकता होने पर संबंधित जिला कलक्टर निजी एम्बुलेंस का अधिग्रहण करेंगे या फिर किराए पर भी संचालन करा सकेंगे।
इसके अलावा विभाग ने कोविड से संबंधित सभी समस्याओं को एक ही टेलीफेान नम्बर पर प्राप्त उनके समयबद्ध निस्तारण के अलावा रोगियों को आवश्यक सलाह और दवा उपलब्ध कराने के आदेश जारी किए हैं। इसके तहत मरीजों को कोविड डेडीकेडेट अस्पतालों, कन्सल्टेंशन सेंटर, उपचार केंद्रों, निजी चिकित्सालयों में बेड, ऑक्सीजन सुविधा, वेंटीलेटर आदि की उपलब्धता की रियल टाइम जानकारी मिल सकेगी।
ये भी आवश्यक
-भर्ती की आवश्यकता वाले मरीज को किसी भी स्थिति में भर्ती के लिए मना नहीं किया जाएगा। इसके लिए 24 घंटे राज्य स्तरीय वार रूम चलाया जा रहा है। इसका हेल्पलाइन नंबर 181 है। सभी जिलों के प्रमुख कोविड डेडीकेडेट अस्पतालों में भी 24 घंटे जिलास्तरीय वार रूम और हेल्पलाइन नंबर स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
-इन सभी वार रूमों में बेड, ऑक्सीजन, दवा की उपलब्धता और अस्पतालों के साथ समन्वय के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों के नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर सहित जानकारी रहेगी। नोडल अधिकारी और वार रूम आपस में लगातार सम्पर्क में रहेंगे।
शिकायत-समाधान संपर्क पोर्टल पर होगा दर्ज
-होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज को किसी चिकित्सकीय सलाह, दवा के लिए या अस्पताल में उपचार व भर्ती के लिए राज्य स्तरीय अथवा जिला स्तरीय वार रूम पर संपर्क कर सकेंगे।
-हेल्पलाइन पर मरीज की समस्या की जानकारी वार रूम के प्रभारी अधिकारी के माध्यम से राजस्थान संपर्क पोर्टल और जिला स्तरीय नोडल अधिकारी को वाट्सएप पर भेजी जाएगी। जिला स्तर पर सहायता के लिए कॉल प्राप्त होने के बाद आधे घंटे के भीतर संबंधित नोडल अधिकारी मरीज को चिकित्सकीय सलाह, दवा, उपचार के लिए भर्ती की व्यवस्था करना सुनिश्चित करेंगे। इसकी मरीज या उसके परिजन को सूचना दी जाएगी। राजस्थान संपर्क पोर्टल पर निस्तारण की जानकारी दर्ज करायी जाएगी।