जयपुर

Rajasthan : ‘चुनाव नहीं करवा सकते तो बताएं, जज करवा देंगे’, हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद गहलोत ने सरकार पर साधा निशाना

Rajasthan : राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनावों में हो रही जानबूझकर देरी पर हाईकोर्ट ने कहाकि 'आयोग चुनाव नहीं करवा सकता तो बताएं, जज करवा देंगे।' हाईकोर्ट के इस बयान पर अशोक गहलोत ने सरकार पर तंज कसा।
2 min read
• •
Updated: 17 Jul 2026, 2:18 PM IST
commission cannot conduct elections tell us judge get it done Ashok Gehlot attack
Rajasthan Panchayat-Body Elections : कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत। फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan : राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर एक बार फिर तेजी आ गई है। राजस्थान हाईकोर्ट ने लंबित चल रहे पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के चुनावों को लेकर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया। साथ ही हाईकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए यहां तक कह दिया कि यदि जिम्मेदार एजेंसियां तय समय पर चुनाव कराने में असमर्थ हैं, तो हाई कोर्ट अपने स्तर पर जज नियुक्त करके चुनाव संपन्न करवा देगा। राजस्थान हाईकोर्ट के इस बयान के बाद ​कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत अचानक इस मामले में सक्रिय हो गए। उन्होंने भजनलाल सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहाकि यह सरकार की घोर प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है।

कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत आज सोशल मीडिया X पर लिखा कि प्रदेश सरकार के लिए इससे अधिक शर्मनाक स्थिति और क्या होगी कि पंचायत और निकाय चुनावों में हो रही जानबूझकर देरी पर माननीय हाईकोर्ट को यहाँ तक कहना पड़ रहा है कि 'आयोग चुनाव नहीं करवा सकता तो बताएं, जज करवा देंगे।' यह सरकार की घोर प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है।

वह संवैधानिक संस्थाओं को बना रही है पंगु

अशोक गहलोत ने आगे लिखा कि राज्य निर्वाचन आयोग का यह कथन बेहद गंभीर और चिंताजनक है कि पंचायती राज विभाग को 6 चिट्ठियां लिखने के बावजूद SC, ST, OBC और महिला आरक्षण संबंधी जानकारी नहीं दी गई। यह स्पष्ट दर्शाता है कि सरकार के दबाव में पंचायतीराज विभाग ने ऐसा किया और सरकार की मंशा ही चुनाव करवाने की नहीं है और वह संवैधानिक संस्थाओं को पंगु बना रही है।

लोकतंत्र के लिए यह स्थिति बेहद घातक

अशोक गहलोत ने लिखा कि माननीय न्यायालय के आदेशों की बार-बार अवहेलना करना संविधान और न्यायपालिका का सीधा अपमान है। जो सरकार न्यायपालिका का सम्मान न कर सके और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को रोके, उसे एक पल भी सत्ता में बने रहने का नैतिक और संवैधानिक अधिकार नहीं है। लोकतंत्र के लिए यह स्थिति बेहद घातक है।

20 जुलाई को रोडमैप पेश करने का दिया निर्देश

राजस्थान हाई कोर्ट में गुरुवार को हुई सुनवाई में साफ किया कि चुनाव टालने की प्रक्रिया अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग को आगामी सोमवार (20 जुलाई 2026) तक चुनाव की तारीखों का रोडमैप तैयार करने, ओबीसी (OBC) आयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत करने और आरक्षण की लॉटरी निकालने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने इस मामले से जुड़े सभी जिम्मेदार अधिकारियों को पूरी जानकारी के साथ सोमवार को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित रहने का आदेश जारी किया है।

Updated on:
17 Jul 2026, 2:18 PM IST
Published on: