
जयपुर। प्रदेश में अजमेर—अलवर लोकसभा सीट और मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर लोकसभा उपचुनाव का घमासान शुरू हो चुका है।अजमेर और अलवर लोकसभा सीट और मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर सीएम चुनावी दौरे कर चुकी हैं। अब प्रदेश कांग्रेस कमेटी जहां-जहां सीएम के दौरे हुए हैं, वहां बने राजनीतिक समीकरणों का फीडबैक ले रही है।
प्रदेश में उपचुनाव वाली अजमेर-अलवर और मांडलगढ़ सीट पर सीएम एक दर्जन से जयादा चुनावी दौरे कर चुकी हैं और चुनावी तैयारियों का भी आगाज कर चुकी है। लेकिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के बड़े नेताओं की ओर से तीनों सीटों पर एक भी दौरा नहीं किया गया है और न ही कोई बड़ी जनसभा हुई है। कांग्रेस के बड़े नेताओं का कहना है कि राजनीतिक समीकरणों का फीडबैक जुटाया जा रहा है। जिससे चुनाव प्रचार अभियान शुरू होने के साथ ही पार्टी यहां अपनी पकड़ बना सके। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट उपचुनाव वाले तीनों जिलों के जिला अध्यक्षों से फीडबैक ले रहे हैं और साथ ही जिताऊ उम्मीदवार को मैदान में उतारने के लिए भी राय ली जा रही है।
आज से प्रदेश में काम करेगा ईआरओ नेट
चुनाव आयोग अब ज्यादा पारदर्शिता से करने की कवायद कर रहा है। इसी के तहत आज प्रदेश का निर्वाचन विभाग ईआरओ नेट की शुरु आत कर रहा है। इसकी शुरुआत होने के बाद एक मतदाता देश के एक ही मतदान केन्द्र पर मतदान कर सकेगा। निर्वाचन विभाग का कहना है कि ईआरओ नेट से चुनाव में फर्जी मतदान पूरी तरह से रुक जाएगा। निर्वाचन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ईआरओ नेट के माध्यम से चुनाव आयोग के सेंट्रल सर्वर पर प्रदेश के सभी साढ़े चार करोड़ मतदाताओं की जानकारी अपलोड कर दी गई है। अब किसी भी चुनाव में एक मतदाता का नाम दो जगह नहीं दिखेगा और एक मतदाता सिर्फ एक ही मतदान केन्द्र पर अपना मतदान कर सकेगा।
चुनाव आयोग का मानना है कि अभी तक किसी युवती का नाम अपने पिता के गांव की मतदाता सूची में भी जुड़ा रहता था और शादी के बाद उसके ससुराल वाली जगह पर भी मतदाता सूची में नाम जोड़ दिया जाता था। ऐसी स्थिति से गफलत भी हो रही थी और मतदान पारदर्शी तरीके से भी हो पा रहे थे। ईआरओ नेट से अब इस तरह की सभी परेशानियों से निजात पाई जा सकेगी। ईआरओ नेट की शुरुआत आज सचिवालय में मुख्य निर्वाचन अधिकारी अश्वनी भगत दोपहर तीन बजे करेंगे। इससे पहले सितंबर में भी ईआरओ नेट की लॉन्चिंग होने वाली थी।