संविधान दिवस पर राज्यपाल कलराज मिश्र, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शुभकामनाएं दी हैं।
जयपुर।
देश आज संविधान दिवस मना रहा है। 26 नवंबर 1949 यानी आज ही के दिन भारतीय संविधान इसे अपनाया गया था, जबकि इसे 26 जनवरी वर्ष 1950 को लागू किया गया था। डॉ. भीमराव अम्बेडकर के मार्गदर्शन में बना संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान माना जाता है। सभी संविधानों को परखने के बाद इस संविधान का निर्माण कराया गया।
संविधान दिवस पर राज्यपाल कलराज मिश्र, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शुभकामनाएं दी हैं।
आश्चर्यचकित करता है इतना व्यापक व विस्तृत संविधान: मिश्र
राज्यपाल कलराज मिश्र ने भी संविधान दिवस पर सन्देश जारी कर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दो वर्ष, 11 माह, 17 दिन में इतना व्यापक व विस्तृत संविधान बनाना आश्चर्यचकित करता है। आइये हम सब इसके मूल्यों को आगे बढ़ाएं व देश मे शांति, उन्नति, समृद्धि सुनिश्चित करें।
कर्त्तव्य निर्वहन कर देश के नवनिर्माण में भागीदार बनें: ओम बिरला
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संविधान निर्माण में मार्गदर्शक रहे सभी मनीषियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि संविधान में प्रदत्त मूल्य हमें देश की उन्नति व देशवासियों के कल्याण के लिए सतत प्रयत्नशील बने रहने की प्रेरणा देते हैं।
बिरला ने कहा कि संविधान ने हमें अनेक अधिकार प्रदान किए जो हमारे व्यक्तिगत व सामाजिक विकास का आधार बने। लेकिन अब हमें उन कर्तव्यों के सम्यक निर्वहन के लिए संकल्पित होना है जिनकी कि हमसे अपेक्षा की गई है। भारत के नवनिर्माण में यही हमारा सर्वश्रेष्ठ योगदान रहेगा।
लोकतांत्रिक मूल्यों-आदर्शों को संरक्षित करें: गहलोत
मुख्यमंत्री गहलोत ने संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रदेशवासियों को संविधान दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने सन्देश में आमजन से संविधान में निहित लोकतांत्रिक आदर्शों और मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए उन्हें संरक्षित करने की अपील की।
देश के विकास में भागीदार बनने का लें संकल्प: राजे
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी संविधान दिवस पर शुभकामनाएं दीं। अपने सन्देश में राजे ने कहा कि संविधान मानने और जानने में ही भारतीय लोकतंत्र का भविष्य निहित है। उन्होंने इस विशेष दिन के अवसर पर सभी से राष्ट्र की एकता, अखण्डता और समरसता को बनाए रखने और देश के विकास में भागीदार बनने का संकल्प लेने की अपील की।
अन्य नेताओं ने भी दी शुभकामना –
वहीं केंद्रीय संसदीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया, नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी संविधान दिवस की शुभकामनाएं दी हैं।
‘संविधान’ की ख़ास बातें-
- संविधान की ड्रॉफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष थे डॉ बीआर अंबेडकर
- संविधान सभा के सदस्यों का पहला सेशन 9 दिसंबर 1947 को हुआ था आयोजित, तब सभा के 207 सदस्य थे
- विश्व में भारत का संविधान सबसे बड़ा लिखित संविधान है
- संविधान लागू होने के समय इसमें 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियां और 22 भाग थे, जो वर्तमान में बढ़कर 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां और 25 भाग हो गए हैं
- यह हस्तलिखित संविधान है जिसमें 48 आर्टिकल हैं
- इसे तैयार करने में 2 साल 11 महीने और 17 दिन का वक्त लगा
- संविधान में सिद्धांत, मौलिक सिद्धांत, अधिकार, सरकार और नागरिकों के कर्तव्य का जिक्र है।