जयपुर

Dudu: 9.5 करोड़ की लागत से बन रहे CHC के नए भवन को लेकर हुआ विवाद, डिप्टी सीएम ने रुकवाया काम लेकिन ठेकदारों ने फिर किया शुरू

Controversy On New CHC Building: दूदू के गागरडू गांव में 9.5 करोड़ की लागत से बन रहे नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के भवन को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पर्याप्त भूमि होते हुए भी अस्पताल को जंगल में बनाने की योजना है।
2 min read
Nov 17, 2025
Feature image
फोटो: पत्रिका

Gagardu Village Dudu Panchayat Samiti: जयपुर जिले की दूदू पंचायत समिति के गागरडू गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का नया भवन बनने से पहले ही विवाद खड़ा हो गया है। आबादी से दूर चरागाह भूमि पर निर्माण शुरू करने से ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका कहना है कि जब नव क्रमोन्नत वर्तमान सीएचसी की जगह पर्याप्त जमीन मौजूद है तो जंगल में अस्पताल क्यों बनाया जा रहा है?

फोटो: पत्रिका

यह गांव उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा के विधानसभा क्षेत्र में आता है। करोड़ों की लागत से शुरू हुए इस काम को उप मुख्यमंत्री ने रोकने के निर्देश भी दिए थे लेकिन ठेकेदार ने रात में लाइट लगाकर फिर से काम शुरू कर दिया। इससे नाराज लोगों ने रविवार को गागरडू बस स्टैंड पर अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करते हुए चेतावनी दी कि यदि रहलाना रोड पर जंगल में सीएचसी भवन का निर्माण किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।

जंगल में क्यों जाएं?

ग्रामीणों की मानें तो बस स्टैंड पर संचालित सीएचसी भवन के पास ही मापदंडों के अनुसार पर्याप्त भूमि है जहां सीएचसी भवन का विस्तार किया जा सकता है। पीएचसी के नाम पर डेढ़ बीघा भूमि आवंटित है और उसके पीछे ही करीब ढाई बीघा से अधिक सिवायचक भूमि है जिस पर सीएचसी का नया भवन बनाया जा सकता है। लोगों का आरोप है कि कमीशन के खेल में सरकार के करोड़ों रुपए व्यर्थ फूंके जा रहे हैं।

भाजपा कार्यकर्ता भी विरोध में उतरे

सीएचसी के नए भवन का विरोध करने वालों में ग्रामीणों के साथ भाजपा कार्यकर्ता भी हैं। पूर्व पंचायत समिति सदस्य महावीर प्रसाद शर्मा, रामस्वरूप टेपण, दशरथ सिंह नरबान, विजेन्द्र सैन और जितेन्द्र भारद्वाज ने बताया कि उप मुख्यमंत्री, जयपुर कलक्टर और उपखंड अधिकारी से दो माह में कई बार सीएचसी भवन को यथावत रखने की मांग की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।

डिप्टी सीएम मौके पर गए थे, नहीं माना ठेकेदार

गागरडू सीएचसी भवन निर्माण के लिए करीब साढ़े नौ करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई और निर्माण कार्य बिना शिलान्यास के ही शुरू कर दिया गया। जब नए निर्माण को लेकर लोगों में नाराजगी का उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा को पता चला तो वे 11 नवंबर को गागरडू पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवा दिया। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिना उनकी अनुमति निर्माण नहीं होगा, लेकिन 14 नवंबर से ठेकेदार ने फिर से कार्य शुरू कर दिया। रात में लाइट लगाकर काम किया जा रहा है।

फोटो: पत्रिका

गागरडू में सीएचसी के नए भवन के विरोध का मामला संज्ञान में नहीं है। बीसीएमओ से सोमवार को रिपोर्ट लेकर पूरे प्रकरण की जानकारी ली जाएगी।

-मनीष मित्तल, सीएमएचओ द्वितीय, जयपुर

Updated on:
17 Nov 2025 02:39 pm
Published on:
17 Nov 2025 02:39 pm