जयपुर

लाइसेंस बनाने के लिए खर्च करनी पड़ सकती है दुगुनी फीस

- लर्निंग लाइसेंस की वैधता 6 महीने बावजूद नहीं मिल रही परमानेंट की तारीख- ऐसे में लर्निंग के 3 सौ और परमानेंट तारीख की 1 हजार फीस का होता नुकसान - विभाग ने वेबसाइट पर 30 दिन के बाद ही परमानेंट का मैसेज डालकर कर रहा अपना बचाव
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लाइसेंस बनाने के लिए खर्च करनी पड़ सकती है दुगुनी फीस

परिवहन विभाग ने व्यवस्थाओं को ऑनलाइन कर लोगों को राहत देने की कोशिश तो की। लेकिन राहत लाइसेंस आवेदकों पर भारी पड़ रही हैं। लाइसेंस बनाने के लिए स्थाई की फीस जमा कराने के बावजूद आवेदकों को तारीख तक नहीं मिल रही हैं। इससे पहले अस्थाई, फिर स्थाई और फिर अस्थाई लाइसेंस की फीस से चपत लग रही हैं। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में ऐसे आवेदकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

- अंतिम 20 दिन भी नहीं तारीख नहीं

लर्निंग लाइसेंस की वैधता 6 महीने की होती है। यह लाइसेंस बनाने के 30 दिन बाद आवेदक परमानेंट के लिए आवेदन कर सकता है। इस पर आवेदक वैधता खत्म होने से 20 दिन पहले भी आवेदन कर रहा है तो उसे ड्राइविंग टेस्ट देने की तारीख नहीं मिल रही है। ऐसे में आवेदक का लर्निंग लाइसेंस भी खत्म हो जाता है। फिर से आवेदक को नया लर्निंग बनाना पड़ता है।

- बढ़ते वेटिंग ग्राफ का समाधान नहीं

जगतपुरा और विद्याधर नगर दोनों ही जगह कार्यालयों में परमानेंट की वेटिंग बढ़ती जा रही है। विद्याधर नगर में लगभग 15 से 20 दिन और जगतपुरा में 25 से एक महीने तक की वेटिंग आ रही हैं। वैधता के अंतिम माह के आवेदकों के साथ समस्या आने पर अधिकारियों से मिलते है। बावजूद कोई समाधान नहीं हो रहा है।

- दोगुना कीमत में का एक लाइसेंस

परमानेंट के लिए ड्राइविंग टेस्ट की तारीख लेने के लिए पहले एक हजार से अधिक की फीस की रसीद कटानी पड़ती है। उसके बाद ही तारीख का शेड्यूल दिखाई देता है। अंतिम दिनों में आवेदन करने से शेड्यूल में लर्निंग लाइसेंस की वैधता खत्म होने के बाद की तारीख शो होती है, लेकिन आवेदक को तारीख नहीं मिलती। ऐसे में परमानेंट के साथ लर्निंग लाइसेंस की फीस का भी झटका लगता है। आवेदक को फिर से लर्निंग लाइसेंस बनाना पड़ रहा है।

- अपने बचाव में विभाग का वेब पर मैसेज

परिवहन विभाग ने ऐसे आवेदकों से स्वयं के बचाव और आवेदकों को सचेत करने के लिए वेबसाइट पर एक मैसेज चला दिया है। इसमें सलाह के रूप में लिखा है कि असुविधा से बचने के लिए लर्निंग लाइसेंस के 30 दिन बाद ही आवेदक परमानेंट के लिए आवेदन कर दें।

'तारीख नहीं मिलने से आवेदकों को बड़ी परेशानियां होती है। विभाग को ऐसे आवेदकों के लिए ऑफलाइन व्यवस्था या अन्य कोई विकल्प की शुरुआत करनी चाहिए।Ó- राजेंद्र पटेल, अध्यक्ष, जनमोर्चा जयपुर शहर

Published on:
29 Dec 2018 08:01 pm