
Rajasthan Transfer : कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास। फोटो फेसबुक
Rajasthan Transfer : कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा, "राजस्थान सरकार ने तबादला उद्योग खोल दिया। चारों तरफ भ्रष्टाचार का बोलबाला है। पैसे के आधार पर सरकार ने बड़े पैमाने पर तबादले कर दिए हैं। बिना पैसे के कोई तबादला नहीं हो रहा। भाजपा कार्यकर्ता मंत्री, एमएलए के पास जा रहा है पर उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कर्मचारी रो रहे हैं। भाजपा के जिन कार्यकर्ताओं ने राजस्थान में भाजपा की सरकार बनाई, आज वो रो रहे हैं। इन्हीं कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के घर-घर जाकर इनके लिए वोट मांगे थे। प्रचार किया था। झूठी-झूठी बयानबाजी की कि यहां मस्जिद बन जाएगी। सनातन को बचाओ। अपनी बेटे-बेटियों को बचाओ।
प्रताप सिंह खाचरियावास ने भाजपा कार्यकर्ताओं को आइना दिखाते हुए कहा बोलो- झूठ। अब रामजी का हो गया चमत्कार। इन्हीं कार्यकर्ताओं को मंत्री और एमएलए घुसने नहीं दे रहे हैं। सब से अधिक नुकसान इन्हीं भाजपा कार्यकर्ताओं को हो रहा है। खाचरियावास ने खुलासा करते हुए कहा किसी भी विभाग में बिना पैसे के कोई भी ट्रांसफर नहीं हो रहा है।
मुख्यमंत्री सचिवालय, मंत्री सचिवालय, एमएलए के घर में बिना पैसे के तबादला उद्योग नहीं चल रहा है। हजारों तबादले हो गए हैं। हालात इतने खराब हैं कि राजस्थान परिवहन विभाग, राजस्व विभाग, पर्यटन विभाग, खनन विभाग सहित कई विभागों में मुख्यमंत्री सचिवालय व मंत्री आपस में पैसों के लेन-देन को लेकर लड़ रहे हैं। मंत्रियों की तबादला सूचियां मुख्यमंत्री के पास भेज दी गई है। सरकार को न जनता, न भाजपा कार्यकर्ता, न ही सरकारी कर्मचारियों से मतलब है, बस पैसों के लिए ये आपस में लड़ रहे हैं।
भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहाकि जो भाजपा, राम के नाम पर सत्ता में आई है, वो राम के नाम का चढ़ावा खा गए, राम निर्माण का पैसा खा गए। वो क्या तबादलों में पैसे को छोड़ेंगे? इतनी भारी संख्या में तबादले करने का सरकार ने जो पाप किया है वो कर्मचारियों व जनता दोनों के साथ धोखा है। तबादला उद्योग से किसी को कोई फायदा नहीं है।
राजस्थान सरकार की ओर से तबादलों पर दी गई छूट की अवधि शनिवार को समाप्त होते ही तबादलों का दौर थम गया, लेकिन इसके साथ ही विवाद और असंतोष का नया दौर शुरू हो गया। सूत्रों के अनुसार इस बार राज्यभर में 40 हजार से अधिक कार्मिकों के तबादले हुए, जिनमें अकेले शिक्षा विभाग में करीब 15 हजार स्थानांतरण शामिल हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की सक्रिय भूमिका प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही।
परिवहन विभाग में तबादला सूची को लेकर मंत्री और ब्यूरोक्रेसी के बीच मतभेद खुलकर सामने आए, जबकि कई अन्य विभागों की सूचियां समय पर जारी नहीं हो सकीं और कुछ अब भी सीएमओ में लंबित बताई जा रही है। शुक्रवार देर तक अधिकांश विभागों ने आदेश जारी किए, लेकिन कई जगह शुक्रवार की तारीख वाले आदेश शनिवार को सामने आए। समय सीमा बीतने के बाद बैकडेट में आदेश जारी होने की भी चर्चा रही। स्वायत्त शासन और नगरीय विकास सहित कुछ विभागों ने बाद में ऑफलाइन हस्ताक्षरयुक्त आदेश जारी किए, जबकि अधिकांश आदेश तय समय के भीतर डिजिटल हस्ताक्षर से जारी हुए।
शिक्षा विभाग- 15,000
राजस्व विभाग- 4,000
वित्त विभाग- 989
विद्युत कंपनियां- 2,200
यूडीएच-डीएलबी- 466
पंचायती राज विभाग - 1,165
विधि विभाग- 300
कृषि विभाग- 1,500।
Updated on:
12 Jul 2026 04:02 pm
Published on:
12 Jul 2026 04:02 pm
