
Rajasthan Paper Leak Case : किरोड़ी लाल मीणा (फाइल फोटो पत्रिका), टीकाराम जूली (इंस्ट्राग्राम)।
Rajasthan Paper Leak Case : राजस्थान की सियासत में पेपर लीक का मामला एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने पेपर लीक मामले में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी सुरेश ढांका के पूरे नेटवर्क की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। पेपर लीक मामले को लेकर राजस्थान सरकार के मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के पत्र पर राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा, किरोड़ी लाल मीणा का यह पत्र दिखाता है कि वे सरकार की जांच से कहीं न कहीं संतुष्ट नहीं हैं।
उन्होंने सरकार की जांच पर सवाल उठाए हैं और सुझाव दिया है कि इस जांच के अलावा, मामले की जांच के लिए एक अलग कमेटी बनाई जानी चाहिए। इसका मतलब है कि उन्हें अपनी ही सरकार की जांच पर भरोसा नहीं है, और यह एक बड़ा मुद्दा है।
राजस्थान में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा 2022 पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी सुरेश ढांका के पूरे नेटवर्क की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। इस लेटर में कृषि मंत्री मीणा ने फुलेरा विधानसभा से आरएलपी और पूर्व कांग्रेस नेता स्पर्धा चौधरी और कांग्रेस नेता और सीनियर एडवोकेट सलमान खुर्शीद का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि 15 जुलाई 2023 को राजस्थान हाईकोर्ट में सुरेश ढांका की पैरवी के लिए सलमान खुर्शीद उपस्थित हुए थे। यह व्यवस्था स्पर्धा चौधरी ने की थी।
10 जुलाई की मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से मंत्री किरोड़ी लाल मीणा कहा कि फरार चल रहे सुरेश ढाका के पिता को करीब 20 करोड़ रुपए की बजरी खनन लीज आवंटित की गई। किरोड़ी लाल मीणा ने मांग की है कि सुरेश ढांका, उसके परिवार, सहयोगियों और आर्थिक नेटवर्क की जांच एसआईटी या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। मंत्री किरोड़ी ने कहा कि 2013 से अब तक कई भर्ती परीक्षाओं में ढांका की भूमिका रही है। साथ ही उन्होंने TCS कंपनी के अधिकारियों पर भी आरोप लगाए हैं।
किरोड़ी लाल मीणा ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता को युवाओं के भविष्य के लिए अनिवार्य बताया है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामलों में सरकार को ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनानी चाहिए। मुख्यमंत्री से यह आग्रह किया गया है कि वे संबंधित एजेंसियों को निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के लिए कड़े निर्देश दें।
Updated on:
12 Jul 2026 03:02 pm
Published on:
12 Jul 2026 03:02 pm
