
भष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो ने नगर निगम हैरिटेज के पार्षद, विजिलेंस के एसआई और सिपाही को रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया हैं। आरोपी पीड़ित के मकान बनाने में कोई अड़चन उत्पन्न ना करने की एवज में रिश्वत मांग रहे थे। एसीबी टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
भष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो के कार्यवाहक डीजी हेमन्त प्रियदर्शी ने बताया कि एसीबी को परिवादी ने शिकायत दी थी। जिसमें बताया कि उसके निर्माणाधीन मकान का काम चल रहा है। मकान के काम को लगातार चलने देने की एवज में वार्ड नम्बर 33 के पार्षद उमेश शर्मा, प्रवर्तन शाखा नगर निगम हैरिटेज जयपुर के उपनिरीक्षक अनिल सिंह और कांस्टेबल भवानी सिंह की ओर से काम रुकवाने की धमकी देकर लगातार परेशान किया जा रहा है। यह लोग काम को सुचारू रुप से चलाने के लिए एक लाख रुपए मांग रहे है। इस पर पीड़ित ने एसीबी दफ्तर में जाकर इसकी शिकायत की।
इस तरह पकड़ा आरोपी
एसीबी के उप महानिरीक्षक डॉ रवि के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने शिकायत का सत्यापन किया तो वह सही पाया गया। इस पर ट्रेप की कार्रवाई करते हुए मण्डावर दौसा हाल रघुनाथ विहार पांच्यावाला निवासी कांस्टेबल भवानी सिंह को अस्सी हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सुभाष कॉलोनी शास्त्री नगर निवासी पार्षद उमेश शर्मा और नांगल जैसा बोहरा निवारू रोड हाल उपनिरीक्षक प्रवर्तन शाखा नगर निगम हैरिटेज जयपुर के अनिल सिंह को गिरफ्तार कर लिया।