अब पिता की मौत के बाद रीत रिवाज के लिए और कर्ज लेने की नौबत है।
जयपुर
बारिश, ओलों ने फसलों को नष्ट कर दिया। किसानों की हालत खराब होती जा रही है प्रदेश में। सरकार ने किसानों को कुछ राहत देने की कोशिश की है लेकिन यह राहत उंट में मुंह में जीरा भर है। किसानों की हालत इतनी खराब होती जा रही है कि किसान अब सुसाइड़ करने लगे हैं प्रदेश में। बेटी की शादी के लिए आठ लाख का कर्जा लिया, उसके बाद शादी की, फिर कुछ कर्जा और लिया और खेती के लिए बीज का प्रबंधन किया।
लेकिन खड़ी फसल पर ओलों की ऐसी बारिश हुई किसान को मौत का रास्ता ही बेहतर लगा। राजस्थान के बूंदी जिले में एक किसान ने सुसाइड़ कर लिया, अब परिवार पर लाखों रुपयों का कर्जा आ गया। बूंदी जिले के तालेड़ा क्षेत्र के बाजड़ गांव की यह घटना है। किसान पृथ्वीराज बैरवा ने अपने ही खेत में सुसाइड़ कर लिया। फसलों को दिया जाने वाला कीटनाशक खुद पी लिया और जान दे दी।
बेटे मनीष बैरवा ने कहा कि कुछ समय पहले बहन की शादी की थी पिता ने, इस दौरान भी करीब छह से सात लाख कर्ज लिया था। उसके बाद यह कर्ज तीन बीघा जमीन पर खेती कर चुकाना था। खेती के बीज जाने के लिए फिर से थोड़ा कर्ज लिया और अब जब फसल काटने का समय आया तो मेहनत पर ओले आ गिरे। फसलें ऐसी गिरी कि फिर से खड़ी नहीं हो सकीं। अब फसलें नष्ट हो चुकी है, किसी काम की नहीं है। अब तो खाने तक के लाले पडते दिख रहे हैं। अब पिता की मौत के बाद रीत रिवाज के लिए और कर्ज लेने की नौबत है।