Nagaur Lok Sabha Election : दीपेंद्र हुड्डा हालांकि भाजपा प्रत्याशी ज्योति मिर्धा के नजदीकी रिश्तेदार हैं, लेकिन वे गठबंधन प्रत्याशी हनुमान बेनीवाल के समर्थन में जनसभा करते नजर आएंगे।
'साली' के खिलाफ उतरेंगे 'जीजा'
कांग्रेस के दो प्रत्याशी चुनाव से ऐन पहले रहस्यमयी अंदाज़ से लापता- फोन स्विच ऑफ़!
[typography_font:14pt;" >ज्योति की बहन के पति हैं हुड्डा
हनुमान बेनीवाल को करेंगे सपोर्ट
हनुमान बेनीवाल V/S ज्योति मिर्धा, जानें फैन-फ़ॉलोइंग्स के मुकाबले में कौन आगे-कौन पीछे?
[typography_font:14pt]तीसरी बार हो रहा आमना-सामना
[typography_font:14pt]ज्योति मिर्धा और बेनीवाल तीसरी बार आमने-सामने हो रहे हैं। इससे पहले 2014 और 2019 में भी दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा है। ठीक 5 साल बाद चेहरे नहीं बदले हैं, लेकिन समीकरण बदल चुके हैं। जहां 2019 में ज्योति मिर्धा कांग्रेस की प्रत्याशी थीं, तो वहीं हनुमान बेनीवाल ने उनके खिलाफ चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी। तब बेनीवाल को भाजपा का समर्थन था। इस बार की परिस्थिति में बेनीवाल कांग्रेस के समर्थन से चुनावी मैदान में हैं, तो वहीं ज्योति मिर्धा भाजपा टिकट से प्रत्याशी है।
[typography_font:14pt]जाट बाहुल्य है नागौर लोकसभा सीट
[typography_font:14pt;" >नागौर परंपरागत रूप से जाट राजनीति का प्रमुख गढ़ माना जाता है। नागौर के जातीय समीकरण पर नजर डालें तो नागौर में जाट बहुसंख्यक हैं। मुस्लिम मतदाताओं की आबादी दूसरे स्थान पर बताई जाती है। इसके अलावा राजपूत, एससी और मूल ओबीसी वोटर भी अच्छी संख्या में हैं। नागौर लोकसभा सीट पर लंबे समय तक मिर्धा परिवार का दबदबा रहा है। नागौर से सबसे ज्यादा बार सांसद बनने का रिकॉर्ड नाथूराम मिर्धा के नाम है, जो छह बार नागौर से जीते थे। नाथूराम मिर्धा परिवार जाट समुदाय से है।