-1 घंटे से भी ज्यादा समय तक चली थी मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत, सीएम गहलोत ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को चिट्ठी लिखने का आश्वासन दिया
जयपुर। भरतपुर में 12 फ़ीसदी आरक्षण की मांग को लेकर हाईवे जाम करके बैठे बैठे माली-सैनी, कुशवाहा और शाक्य समाज के प्रतिनिधियों की आज मुख्यमंत्री आवास पर सीएम गहलोत के साथ 1 घंटे से भी ज्यादा समय तक वार्ता हुई, जिसमें बातचीत के बाद आंदोलनकारियों का सकारात्मक रुख सामने आया है। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद प्रतिनिधिमंडल ने भी सकारात्मक रुख अख्तियार करते हुए कहा है कि सरकार से सकारात्मक बातचीत हुई है, अब लिखित में चिट्ठी मिलने के बाद ही आगे की रणनीति पर फैसला लेंगे।
फुले आरक्षण संघर्ष समिति के लीगल एडवाइजर राम प्रताप सैनी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार ने हमें बातचीत के लिए बुलाया था और बातचीत काफी सकारात्मक रही है और सरकार से जो आश्वासन मिला है उसका लिखित में चिट्ठी मिलने के बाद ही समाज के बीच जाएंगे और उसके बाद कोई फैसला लेंगे।
सैनी ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आश्वासन दिया है कि वह समाज की मांग को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को चिट्ठी लिख रहे हैं, जिसमें जातिगत जनगणना के अंदर माली, सैनी-कुशवाह, शाक्य समाज की कितनी आर्थिक स्थिति खराब है, शैक्षणिक स्थिति कैसी है, उन सब की सर्वे कराने की बात कही है। सीएम सीएम गहलोत ने अन्य जातियां जिन्हें वास्तविक रूप से आरक्षण मिलना चाहिए जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उनके लिए भी चिट्ठी लिखने की बात कही है।
सैनी ने कहा कि आंदोलन समाप्त करना है या नहीं इस पर तो धरना स्थल पर जाकर ही फैसला लेंगे। सरकार के साथ जो समझौता हुआ उसे भी समाज के लोगों के बीच लेकर जाएंगे। सरकार नहीं चाहती है कि आंदोलन लंबा चले इसलिए सरकार ने हमें बातचीत के लिए बुलाया था और हम मुख्यमंत्री के साथ हुई बातचीत से संतुष्ट हैं।
गौरतलब है कि 12 फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर भरतपुर में माली-सैनी, कुशवाहा और शाक्य समाज के लोग भरतपुर में नेशनल हाईवे जाम करके धरने पर बैठे हैं। 5 दिन से आंदोलनकारी हाईवे जाम करके बैठे हैं जिसके चलते हाईवे पर भी आने-जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रही है, वही प्रशासन ने भी कोई अनहोनी न हो इसके लिए नेटबंदी कर रखी है।
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