
निवाई. गो माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने की मांग अब और मुखर हुई है। गो माता राष्ट्र माता अभियान के तहत क्षेत्र के संत समाज, गो सेवक, किसान, आमजन और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को राष्ट्रपति के नाम उपखंड अधिकारी गंभीर सिंह को ज्ञापन प्रस्तुत कर गो संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता देने की मांग की। ज्ञापन में बताया कि भारतीय सनातन संस्कृति में गाय को मातृस्वरूप माना गया है। वेद, पुराण, उपनिषद और धार्मिक परंपराओं में गो माता को करुणा, समृद्धि, कृषि, पर्यावरण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं भारतीय संस्कृति का आधार माना गया है। गोसेवकों ने बताया कि गो संरक्षण को केवल धार्मिक आस्था तक सीमित न रखकर कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए व्यापक नीति के रूप में देखा जाना चाहिए।
गोसेवकों ने ज्ञापन के माध्यम से गो माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने के लिए आवश्यक संवैधानिक एवं विधिक प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई। साथ ही गो संरक्षण एवं संवर्धन तथा गोशालाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी नीति बनाने की मांग उठाई गई। उन्होंने निराश्रित गोवंश के संरक्षण एवं पालन-पोषण के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने, गो तस्करी एवं गो क्रूरता की रोकथाम के लिए प्रभावी कानूनों का कठोरता से पालन कराने तथा गो आधारित प्राकृतिक कृषि और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं संचालित करने की मांग भी रखी।
उन्होंने बताया कि गो आधारित कृषि को प्रोत्साहन मिलने से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है। उन्होंने केंद्र सरकार से गो संरक्षण को लेकर प्रभावी और दीर्घकालिक नीति बनाने की आवश्यकता जताई। एसडीएम के समक्ष गोसेवकों ने विश्वास जताया कि राष्ट्रपति करोड़ों देशवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस विषय पर सकारात्मक पहल के लिए केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करेंगी। ज्ञापन देने में विकास, मेघराज, चंचल, मानसिंह, रामरतन रेशु सहित कई गोसेवक शामिल रहे।
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एनई1108सीसी-निवाई. गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने के लिए एसडीएम को ज्ञापन देते।