
भरतपुर-धौलपुर जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से 7 फरवरी को दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक जाम करने की घोषणा के बाद बात वार्ता तक पहुंच गई है। 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए सोमवार देर शाम जयपुर पहुंचा, जहां दो मंत्री व अधिकारियों के साथ वार्ता शुरू हुई। वहीं जयचोली के पास महापड़ाव 20वें दिन भी जारी रहा। साथ ही अनशन किया गया। इसमें एक अनशनकारी की तबियत भी बिगड़ गई। देर रात में जयपुर में हुई वार्ता में सहमति बनी है, लेकिन बात केंद्र सरकार से वार्ता पर अटकी हुई है।
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भरतपुर-धौलपुर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेमसिंह फौजदार ने बताया कि पिछले आंदोलनों में दर्ज मुकदमों को वापस करने व चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति के मामले को लेकर वार्ता में सहमति बन गई है। हालांकि अब बात केंद्र सरकार के साथ वार्ता को लेकर है।
विधायक डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा कि भरतपुर में धौलपुर, भरतपुर, डीग जिलों के जाटों को आरक्षण देने के लिए चलाया जा रहा आंदोलन पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह के नेतृत्व में लड़ा जाए, क्योंकि पहले भी प्रदेश में आरक्षण लाभ विश्वेंद्र सिंह ने ही दिलाया था। आरक्षण के लिए चलाए जा रहे आंदोलन में सभी प्रतिनिधि एवं समाज के लोग एकजुट हो और यह आंदोलन पूर्व मंत्री महाराजा विश्वेन्द्र सिंह के नेतृत्व में ही किया जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि भरतपुर धौलपुर व डीग जिलों के जाट जाति के युवाओं को केंद्रीय सेवाओं में शीघ्र आरक्षण का लाभ देने के आदेश जारी करने चाहिए।