भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) देश में जल्द ही पायलट प्रोजेक्ट के तहत डिजिटल मुद्रा ई-रुपया लॉन्च करेगा। आरबीआइ ने डिजिटल करेंसी को लेकर पेश कॉन्सेप्ट नोट में कहा कि इस प्रोजेक्ट के विस्तार के साथ ही समय-समय पर डिजिटल करेंसी की विशेषताओं और लाभों की जानकारी दी जाएगी। कॉन्सेप्ट नोट में डिजिटल मुद्रा की तकनीक और डिजाइन विकल्प, इसके उपयोग और इसे जारी करने की व्यवस्था की भी जानकारी दी गई।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) देश में जल्द ही पायलट प्रोजेक्ट के तहत डिजिटल मुद्रा ई-रुपया लॉन्च करेगा। आरबीआइ ने डिजिटल करेंसी को लेकर पेश कॉन्सेप्ट नोट में कहा कि इस प्रोजेक्ट के विस्तार के साथ ही समय-समय पर डिजिटल करेंसी की विशेषताओं और लाभों की जानकारी दी जाएगी। कॉन्सेप्ट नोट में डिजिटल मुद्रा की तकनीक और डिजाइन विकल्प, इसके उपयोग और इसे जारी करने की व्यवस्था की भी जानकारी दी गई।
आरबीआइ: ई-मुद्रा के प्रभावों, गोपनीयता की जांच
आरबीआइ ने कहा है कि वह बैंकिंग सिस्टम, मौद्रिक नीति और वित्तीय स्थिरता पर सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी के शुरुआती प्रभावों और गोपनीयता के मुद्दों का विश्लेषण कर रहा है। गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2022-23 में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) शुरू करने की घोषणा की थी। आरबीआइ ने कहा कि ई-रुपए के लिए उपयोग के मामलों की जांच इस तरह से की जा रही है कि वित्तीय प्रणाली में कोई रुकावट न हो या अगर हो तो उसका असर कम से कम हो।
ई-रुपी पिछले साल किया था लांच
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 2 अगस्त को कैशलेस और कॉन्टैक्टलेस भुगतान के नए टूल के रूप में ई-रुपए का शुभारंभ किया था। ई-रुपया मूल रूप से एक डिजिटल वाउचर है, जो एक लाभार्थी को उसके फोन पर एसएमएस या कोड के रूप में मिलता है। उदाहरण के लिए यदि सरकार अपने किसी कर्मचारी का किसी खास अस्पताल में विशेष इलाज का खर्च उठाना चाहती है, तो वह एक पार्टनर बैंक के जरिए निर्धारित राशि के लिए ई-रुपी वाउचर जारी कर सकेगी