Diwali 2022 Shubh Muhurat: हस्त चित्रा नक्षत्र, वैधृति-विष्कुंभ योग में प्रकाश पर्व का मुख्य उत्सव दीपावली चतुर्दशी युक्त अमावस्या के रुप में सोमवार को मनाया जाएगा। घर-घर आस्था के दीये जलेंगे।
Diwali 2022 Shubh Muhurat: जयपुर। हस्त चित्रा नक्षत्र, वैधृति-विष्कुंभ योग में प्रकाश पर्व का मुख्य उत्सव दीपावली चतुर्दशी युक्त अमावस्या के रुप में सोमवार को मनाया जाएगा। घर-घर आस्था के दीये जलेंगे। कार्तिक कृष्णा चतुर्दशी उपरांत अमावस्या प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन किया जाएगा। सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त प्रदोष काल, स्थिर-वृष लग्न,स्थिर कुंभ नवांश का समय शाम 7.15 से 7.28 मिनट तक रहेगा। अतः यह सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा।
लक्ष्मी पूजन के शुभ मुहूर्त
प्रदोष काल : शाम 5.49 से रात 8.21 बजे तक
वृष लग्न : शाम 7.03 से रात 9 बजे तक
सिंह लग्न : मध्य रात्रि 1.33 से 3.49 बजे तक
चौघड़िए मुहूर्त
चर : शाम 5:47 से 7:23 बजे तक
लाभ : रात 10:35 से रात 12:11 बजे तक
शुभ : मध्यरात्रि 1:47 से 3:22 बजे तक
अमृत : मध्यरात्रि 3:22 से 4:15 बजे तक
सर्वश्रेष्ठ पूजन मुहूर्त
शाम 7:15 से 7:28 बजे तक
अगले दिन सूर्यग्रहण : सूतक लगने से अन्नकूट/ गोवर्धन पूजा बुधवार को होगी
मंगलवार सुबह 4.15 बजे तक ही विसर्जन
कार्तिक कृष्ण अमावस्या की संपूर्ण रात्रि को कालरात्रि माना जाता है, लेकिन अगले दिन सूर्यग्रहण होने से मंगलवार सुबह 4.15 बजे तक पूजा अर्चना के साथ ही विसर्जन होगा। अतिआवश्यक होने पर दोपहर में अभिजीत मुहूर्त में 11.49 से 12.33 साथ ही 2.59 से 5.47 बजे तक पूजा की जा सकती है।
रात के समय ही मां लक्ष्मी की पूजा
ज्योतिषाचार्य पं. पुरुषोत्तम गोड़ ने बताया कि आज शाम को अमावस्या शाम 5.28 संपूर्ण रात्रि विद्यमान रहेगी। शास्त्रनुसार में लक्ष्मी पूजन किया जाता है। शर्मा ने बताया कि शाम 5.2 बजे शाम अमावस्या आने के बाद लक्ष्मी पूजन करें। इससे पहले चतुर्वेदी होने से रात के समय ही मां लक्ष्मी की पूजा होगी।