Narak Chaturdashi 2022: कार्तिक कृष्ण त्रयोदशीयुक्त चतुर्दशी पर ररूप चतुर्दशी मनाई जा रही है। इस दिन रूप चौदस के निमित्त शाम को दीपदान होगा। महिलाओं ने रूप निखारने के लिए उबटन लगाकर स्नान किया।
Narak Chaturdashi 2022: जयपुर। कार्तिक कृष्ण त्रयोदशीयुक्त चतुर्दशी पर रविवार को अमृतसिद्धि, सर्वार्थसिद्धि योग में धंवन्तरि जयंती और रूप चतुर्दशी मनाई जा रही है। इस दिन रूप चौदस के निमित्त शाम को दीपदान होगा। महिलाओं ने रूप निखारने के लिए उबटन लगाकर स्नान किया। ब्यूटी पार्लर समेत अन्य जगहों पर सुबह से सजने—संवरने के लिए भीड़ नजर आई।
ज्योषिचार्यों के अनुसार तेल में लक्ष्मीजी वास होता है, इसलिए शाम को रूप चौदस के निमित्त शाम को दीपदान होगा। जल में गंगा का वास होता है, इसलिए महिलाओं ने रूप निखारने के लिए उबटन लगाकर स्नान किया। ब्यूटी पार्लर समेत अन्य जगहों पर सुबह से सजने—संवरने के लिए भीड़ नजर आई। वहीं अरुणोदय काल में 24 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 12 मिनट पर स्नान करने का महत्व है। आज हनुमान जयंती भी मनाई जा रही है। ज्योतिषाचार्य डॉ. रवि शर्मा ने बताया कि चतुर्दशी को तेल में लक्ष्मीजी और जल में गंगा का वास होता है। शाम को चार बत्तियों वाले दीपक से दीपदान किया जाएगा। प्रदोष काल 5.47 से रात्रि 8.20 बजे तक रहेगा।
दीपावली का त्योहार 24 अक्टूबर को
दीपोत्सव का मुख्य उत्सव दीपावली के रूप में 24 अक्टूबर को मनाया जाएगा। घर-घर दीये जलेंगे। कार्तिक कृष्ण प्रदोष व्यापिनी अमावस्या पर 24 अक्टूबर को प्रदोषकाल में अमावस्या होने से दीपावली का पर्व मनाया जाएगा। लक्ष्मीपूजन प्रदोषयुक्त अमावस्या को स्थिरलग्न व स्थिरनवमांश में किया जाना शास्त्रोक्त है। इस वर्ष अमावस्या 24 अक्टूबर को शाम 5.27 बजे से प्रारम्भ होकर 25 अक्टूबर को शाम 4.18 बजे तक रहेगी।