मंदी की मार झेल रहे राजस्थान के हैंडीक्राफ्ट निर्यातकों को हर मोर्चे पर मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। दुनिया की बड़ी शिपिंग लाइन्स द्वारा चीन से अमरीका जाने वाले कंटेनरों के भाड़े में भारी कटौती के बाद राजस्थान के हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स को बड़ा नुकसान होने का खतरा है।
मंदी की मार झेल रहे राजस्थान के हैंडीक्राफ्ट निर्यातकों को हर मोर्चे पर मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। दुनिया की बड़ी शिपिंग लाइन्स द्वारा चीन से अमरीका जाने वाले कंटेनरों के भाड़े में भारी कटौती के बाद राजस्थान के हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स को बड़ा नुकसान होने का खतरा है। इस कटौती से अमरीकी इंपोर्टर्स भारत को देने वाले ऑर्डर्स चीन को दे सकते हैं। गौरतलब है कि अमरीका के विभिन्न पोर्ट्स के लिए माला भाड़ा दस हजार डॉलर से 16 हजार डॉलर प्रति कंटेनर तक पहुंच गया है। शिपिंग लाइंस ने भारत से अमरीका के लिए जाने वाले कंटेनरों के भाड़े में अभी केवल मामूली कटौती की है और अभी भी ये लगभग 10 हजार डॉलर से 14 हजार डॉलर के बीच है, जबकि गत सप्ताह चीन से जाने वाले कंटेनरों के भाड़े में इन लाइनों ने अप्रत्याशित कटौती करते हुए नई दर साढ़े पांच हजार डॉलर घोषित की है।
दुनिया की 9 बड़ी शिपिंग लाइंस पर शिकंजा
हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स का कहना है अमरीका में बाइडन प्रशासन ने ओसियन शिपिंग रिफॉर्म्स एक्ट 2022 द्वारा दुनिया की 9 बड़ी शिपिंग लाइंस पर शिकंजा कसा है और वहां के फेडरल मैरीटाइम कमीशन को शिपिंग लाइंस द्वारा अपनाई जा रही अनुचित व्यापार नीति पर रोक लगाने की शक्तियां दी हैं। राजस्थान हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स जॉइंट फोरम के को-ऑर्डिनेटर नवनीत झालानी का कहना है कि अब समय आ गया है कि भारत सरकार को भी एक कानून बनाकर शिपिंग लाइंस की मनमानी पर अंकुश लगाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, नहीं तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भारत के छोटे निर्यातक बहुत पीछे छूट जाएंगे।