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राजस्थान में ट्रांसफर लिस्ट पर नया विवाद; मंत्री-ब्यूरोक्रेसी के बीच खुलकर सामने आए मतभेद, जानें किस विभाग में कितने तबादले

Rajasthan Transfer Update: राज्यभर में 40 हजार से अधिक कार्मिकों के तबादले हुए, जिनमें अकेले शिक्षा विभाग में करीब 15 हजार स्थानांतरण शामिल हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की सक्रिय भूमिका प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही।
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बाड़मेर-बिशनगढ़ स्टेट हाईवे सड़क मार्ग पर रास्ता जाम कर धरने पर बैठे ग्रामीण। फोटो पत्रिका

जयपुर। राजस्थान सरकार की ओर से तबादलों पर दी गई छूट की अवधि शनिवार को समाप्त होते ही तबादलों का दौर थम गया, लेकिन इसके साथ ही विवाद और असंतोष का नया दौर शुरू हो गया। सूत्रों के अनुसार इस बार राज्यभर में 40 हजार से अधिक कार्मिकों के तबादले हुए, जिनमें अकेले शिक्षा विभाग में करीब 15 हजार स्थानांतरण शामिल हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की सक्रिय भूमिका प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही।

परिवहन विभाग में तबादला सूची को लेकर मंत्री और ब्यूरोक्रेसी के बीच मतभेद खुलकर सामने आए, जबकि कई अन्य विभागों की सूचियां समय पर जारी नहीं हो सकीं और कुछ अब भी सीएमओ में लंबित बताई जा रही है। शुक्रवार देर हात तक अधिकांश विभागों ने आदेश जारी किए, लेकिन कई जगह शुक्रवार की तारीख वाले आदेश शनिवार को सामने आए। समय सीमा बीतने के बाद बैकडेट में आदेश जारी होने की भी चर्चा रही। स्वायत्त शासन और नगरीय विकास सहित कुछ विभागों ने बाद में ऑफलाइन हस्ताक्षरयुक्त आदेश जारी किए, जबकि अधिकांश आदेश तय समय के भीतर डिजिटल हस्ताक्षर से जारी हुए।

परिवहन विभागः सूची सीधे भेजी सीएमओ

अधिकांश विभागों ने तबादला प्रस्ताव अनौपचारिक रूप से सीएमओ को भेजे, पर अंतिम मंजूरी में देरी के चलते कई सूचियां समय पर जारी नहीं हो सकीं। परिवहन विभाग इसका सबसे बड़ा उदाहरण रहा, जहां मंत्री और ब्यूरोक्रेसी के बीच सूची पर सहमति नहीं बन सकी। तबादला प्रस्ताव परिवहन आयुक्त स्तर तक भी नहीं पहुंचे और सूची सीधे सीएमओ भेज दी गई, जहां से अंतिम स्वीकृति न मिलने के कारण आदेश जारी नहीं हो सके। विभागीय कर्मचारी संगठनों ने इस पर नाराजगी जताई है। हालांकि परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव भवानी सिंह देथा का कहना है कि सूची निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही तैयार की गई।

शिक्षा विभागः विद्यार्थियों में आक्रोश, हाईवे जाम

शिक्षकों के तबादलों के बाद राजस्थान के कई जिलों में विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। कहीं स्कूलों के मुख्य द्वार पर ताले जड़े गए तो कहीं धरना-प्रदर्शन और हाईवे जाम कर विरोध दर्ज कराया गया। जालोर के ऐलाना गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में तीन शिक्षकों, एक व्याख्याता और प्रधानाचार्य के तबादले के विरोध में विद्यार्थियों ने बाड़मेर-बिशनगढ़ स्टेट हाईवे जाम कर दिया। विद्यालय के स्वीकृत 24 पदों में से 13 पद अब रिक्त हो गए हैं।

श्रीगंगानगर के बीरमाना क्षेत्र में भी विरोध रहा। ग्राम पंचायत बख्तावरपुरा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य गुरदीप नोखवाल के तबादले और रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला जडकर धरना दिया। करीब एक घंटे की वार्ता के बाद आंदोलनकारी मंगलवार तक धरना स्थगित करने पर सहमत हुए। इसी क्षेत्र के रघुनाथपुरा में पीईईओ-प्रधानाचार्य रामकुमार साहू के तबादले के विरोध में भी स्कूल पर ताला जड़ा गया।

श्रीकरणपुर के विद्यालय 56 एफ में गणित शिक्षक रविंद्र कुमार के तबादले के विरोध में 67 अभिभावकों ने बच्चों की टीसी के लिए आवेदन देकर चेतावनी दी कि तबादला निरस्त होने तक बच्चे स्कूल नहीं आएंगे। बाड़मेर के धोरीमन्ना क्षेत्र स्थित गेनाणियों का तला विद्यालय में प्रधानाचार्य सहित तीन वरिष्ठ शिक्षकों के एक साथ तबादले के विरोध में भी ताला जड़ा गया। अधिकारियों के आश्वासन और तीन शिक्षकों को डेपुटेशन पर लगाने के फैसले के बाद आंदोलन समाप्त हुआ।

कहां कितने तबादले

शिक्षा विभाग-------15,000
राजस्व विभाग------4,000
वित्त विभाग--------989
विद्युत कंपनियां-----2,200
यूडीएच-डीएलबी----466
पंचायती राज विभाग----1,165
विधि विभाग----------300
कृषि विभाग----------1,500