
विजय शर्मा / जयपुर। बारिश का मौसम सिर पर है लेकिन सरकारी एजेंसियों ने इससे जुड़ी तैयारियां अब तक नहीं की हैं। प्राय: मानसून आने से 15 दिन पहले ही तैयारियांं शुरू कर दी जाती हैं। जिला प्रशासन की मॉनिटरिंग में जेडीए, नगर निगम अपने स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप देते हैं। लेकिन दोनों ने अंतिम रूप देना तो दूर, तैयारियां शुरू ही नहीं की हैं। शहर में न तो अभी तक नालों की सफाई हुई है, न ही कंट्रोल रूम शुरू हो पाए हैं। कई जगह सड़कों पर गड्ढे खुले पड़े हैं। यहां तक कि बाढ़ आ जाए तो उससे बचाव का प्लान भी तैयार नहीं है।
मानसून के मद्देनजर जेडीए, निगम की तैयारियों का सच जानने के लिए जिला कलक्टर जगरूप सिंह यादव ( Jagroop Singh Yadav ) ने शहर में वीडियोग्राफी कराई तो यह हकीकत सामने आई है। दिल्ली रोड, बासबदनपुरा, शास्त्रीनगर, करतारपुरा, झालाना सहित कई इलाकों में नाले गंदगी से अटे हुए हैं। शहर में करीब दो हजार नाले हैं, जिनमें 800 बड़े नाले हैं। नगर निगम भी नालों की सफाई की बात कह रहा है। जिला प्रशासन ने शहर मं मानसून की तैयारियों का सच जेडीए और निगम को भेजा है और व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए हैं।
पत्रिका ने उजागर की थीं खामियां
गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने जेडीए, निगम की लापरवाही का सच प्रमुखता से उजागर किया था। रियलिटी चैक कर शहर में बने कंट्रोल रूम की पड़ताल की, जहां अव्यवस्थाएं सामने आईं। इसके बाद दूसरे दिन बारिश से शहर में जलभराव हो गया। फेल हुए ड्रेनेज सिस्टम से जुड़ी खामियां भी उजागर की थीं। इसके बाद कलक्टर ने वीडियोग्राफी कराई।
जिला प्रशासन की रिपोर्ट : बचाव सामग्री तक नहीं
- बाढ़ नियंत्रण केन्द्र बनीपार्क, घाटगेट, एवं मानसरोवर में जेडीए और निगम कोई अधिकारी-कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं मिला। तीनों कंट्रोल रूम सुचारू रूप से चालू नहीं थे।
- तीनों बाढ़ नियंत्रण केन्द्रों पर आवश्यक बचाव सामग्री जैसे ट्रेक्टर, ट्रॉली, जेसीबी, पम्पसेट, गैस कटर आदि भी नहीं हैं।
- स्थापित केन्द्रों पर नगर निगम और जेडीए के राउंड द क्लाक के अनुसार तैनात कर्मचारी भी नहीं हैं।
- विस्तृत बाढ़ बचाव कार्ययोजना अभी तक जिला प्रशासन को प्राप्त नहीं हुई है।
- खुले नालों पर पिलर निर्माण एवं सुरक्षा चिन्ह अभी तक नहीं लगाए गए।
- परकोटे में जर्जर भवनों का चिह्नीकरण अभी तक नहीं किया है।
- शहर के छोटे-बड़े नालों की सफाई का काम नहीं हुआ है। न ही जोन के अनुसार नालों की सूची उपलब्ध कराई गई है।
- डूब क्षेत्र की सूची अभी तक उपलब्ध नहीं कराई है।
(तस्वीरें खुद जिला प्रशासन ने ली हैं, जो मानसून पूर्व की तैयारियों की पोल खोल रही हैं)
सुधार के लिए लिखा है
समीक्षा बैठक के बाद शहर के नालों की सफाई और व्यवस्थाओं को जानने के लिए वीडियोग्राफी कराई थी। कई खामियां सामने आई हैं। जेडीए, नगर निगम को सुधार के लिए लिखा है।
- जगरूप सिंह यादव, जिला कलक्टर, जयपुर