
जयपुर। इस तरह का विशालकाय ‘जूता‘ आपने पहले शायद ही देखा होगा। अक्सर हमारे द्वारा पांव में पहने जाने वाले जूतों का साइज इतना विशालकाय नहीं होता है। अब ये इंसानों द्वारा नहीं पहना जा सकता है तो आखिर इन जूतों को पहनेगा कौन? आइए हम आपको बताते है कि ये जूते इसके लिए तैयार किए गए है। इन जूतों को पहनने वाला भी कोई विशालकाय शरीर वाला ही होगा और इतना विशाल शरीर तो किसी इंसान का हो नहीं सकता। इसलिए इन जूतों पर हक है तो सिर्फ ‘रावण‘ का। जी हां, ये विशालकाय जूते रावण के पूतले के लिए तैयार किए गए है। जिन्हें पहनकर रावण खूब इठलाएगा। दशहरा पर्व पर ये जूते रावण के पुतले के का आकर्षण बढ़ाएंगे। जयपुर के रामलीला मैदान में दशहरे पर होने वाले रावण दहन के लिए बनाए गए रावण के पुतले को ये जूते पहनाए जाएंगे।
जयपुर में लगती है रावण मंडी
जयपुर में दशहरे से पहले रावण के पुतलों की मंडी लगती है। जयपुर के किसान धर्म कांटा पर लगने वाली रावण की इस मंडी में तरह-तरह के रावण के पुतलों को दशहरा पर्व के लिए तैयार किया जाता है और दशहरे पर दहन के लिए इन्हें बेचा जाता है। यहां चारों ओर दूर-दूर तक कई फीट ऊंचे रावण के पुतले नजर आते हैं। रंग-बिरंगी कागजी पोशाकों में ये पुतले हर किसी को आकर्षित करते हैं। इस बार इन्हें बनाने के कार्य में 160 से ज्यादा परिवार जुटे हुए हैं। यहां पर बनाए जाए जाने वाले रावणों के पुतलों में हमेशा कुछ न कुछ खास होता है। रावण मंडी में प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए कारीगरों ने अलग-अलग आकार के पुतलों का निर्माण किया है।
यहां घूमने वाले रावण का 81 फीट ऊंचा पुतला तैयार किया है। करीब 25 फीट ऊंचे सिर व पैर वाला रावण का यह पुतला राजस्थानी पगड़ी के साथ ही सफेद धोती कुर्ते में नजर आएगा। लंबी-लंबी मूंछों के साथ ही इसकी आंखों से रोशनी झलकेगी। वहीं, इसकी गर्दन में स्प्रिंग (करीब 13 हजार रुपए) लगाई गई है, जिस कारण पुतले के हाथ-पांव हिलेंगे-डुलेंगे और यह चारों ओर घूमेगा। आठ हिस्सो में तैयार किए गए इस रावण की कीमत करीब एक लाख रुपए है। लूणकरणसर, अजमेर और चौमूं में इसका दहन होगा। रावण पर कई सामाजिक संदेश भी लिखे गए हैं।