
अमायरा (फाइल फोटो- पत्रिका)
जयपुर। नीरजा मोदी स्कूल में नौ वर्षीय छात्रा अमायरा की संदिग्ध मौत के करीब आठ महीने बाद एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इसके बाद पूरा मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया। पिंकसिटी प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में अमायरा के परिजनों ने सीसीटीवी फुटेज जारी कर आरोप लगाया कि उनकी बेटी को उसके सहपाठियों द्वारा बार-बार परेशान किया जाता था। वह कई बार टीचर के पास गई और मदद मांगने की कोशिश करती रही, लेकिन उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया। वहीं, पुलिस द्वारा न्यायालय में चार्जशीट पेश किए जाने के बाद परिजनों और संयुक्त अभिभावक संघ ने सभी जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
परिजनों के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज के शुरुआत में अमायरा सामान्य छात्रा की तरह कक्षा में प्रवेश करती है और इसके बाद फिर डांस क्लास में भाग लेने के लिए चली जाती है। अमायरा फिर क्लास में आ जाती है। परिजनों का आरोप है कि अमायरा के आगे बैठे बच्चे डिजिटल स्लेट निकालते हैं, जबकि ऐसी डिजिटल स्लेट को क्लास रूम में आने की अनुमति नहीं होती है। टीचर की उपस्थिति में बच्चे डिजिटल स्लेट पर कुछ लिखते नजर आते हैं।
यहीं से आमयरा की चेहरे के भाव बदलने लगते हैं। परिजनों का आरोप है कि आमयरा कई बार क्लास टीचर के पास गई, लेकिन उसकी बात को गंभीरता से नहीं सुना गया। इसके बाद फिर वह एक शिक्षक के पास भी गई। इसके बाद वह कॉरिडोर से सीढ़ियों की ओर बढ़ती है और सीधे चौथी मंजिल तक पहुंच जाती है। कुछ देर बाद वह दर्दनाक कदम उठा लेती है।
अमायरा के पिता ने कहा कि चार्जशीट न्याय की दिशा में पहला कदम है, लेकिन दोषियों को सजा मिलने तक न्याय अधूरा रहेगा। वहीं, माता शिवानी ने आरोप लगाया कि बच्ची द्वारा दिए गए मदद के संकेतों को स्कूल प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया। अभिभावक संघ ने निजी विद्यालयों में एंटी-बुलिंग सिस्टम, प्रशिक्षित काउंसलर, सीसीटीवी निगरानी और बाल सुरक्षा मानकों को कानूनी रूप से अनिवार्य बनाने की मांग करते हुए सरकार, न्यायपालिका और प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की अपील की।
छात्रा अमायरा ने पिछले साल 1 नवंबर को नीरजा मोदी स्कूल बिल्डिंग की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। इस दर्दनाक घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया था, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। परिजनों का आरोप था कि उनकी बेटी अमायरा को स्कूल के कुछ बच्चे लगातार परेशान करते थे। इस बारे में क्लास टीचर से कई बार शिकायत भी की गई थी, लेकिन स्कूल प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया।
Updated on:
10 Jul 2026 01:33 pm
Published on:
10 Jul 2026 01:28 pm
