
जयपुर। राजस्थान से उठी धूल भरी आंधी ने दिल्ली समेत समूचे एनसीआर को अपनी चपेट में ले रखा है। वहीं तीन दिनों से लगातार चल रहे अंधड़ में गुरुवार को और तेजी के चलते जैसलमेर शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के साथ पेयजल आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी होती नजर आई है। लोहे की रैलिंग धराशायी होने से दो जनों के चोटें आई है। इसी बीच राहत की बात ये है कि प्रदेश में आज शाम तक पूर्वोत्तर राज्यों में छाया धूल का गुबार छंटने व चक्रवाती हवाएं चलने से कई हिस्सों में मेघगर्जन के साथ बौछारें गिरने की उम्मीद मौसम विभाग ने जताई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आज शाम तक पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और प्रदेश के उत्तर पूर्वी इलाकों में छाए धूल के गुबार का असर कम होने की उम्मीद है। इसके साथ ही चक्रवाती हवाएं चलने पर प्रदेश में भरतपुर, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, नागोर, झुंझुनू, बाड़मेर, बीकानेर, चूरू और श्रीगंगानगर में अगले 48 घंटे में मेघगर्जन के साथ बौछारें गिरने की उम्मीद है।
राजस्थान की धूल ने हिला दी दिल्ली, लोगों को घर से नहीं निकलने की हिदायत
वहीं राजस्थान से उठी धूल भरी आंधी ने दिल्ली समेत समूचे एनसीआर को अपनी चपेट में ले लिया है। गुरुवार को दूसरे दिन भी धूल प्रदूषण के कारण दिल्ली और उसके आसपास गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद व ग्रेटर नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर स्तर पर रहा। चिंताजनक यह है कि हवा में मौजूद खतरनाक पीएम 10 का स्तर सात गुना और पीएम 2.5 चार गुना ज्यादा रिकॉर्ड किया गया। ऐसी स्थिति में लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी गई। वहीं, पंजाब के कई इलाकों में भी धूल का गुबार रहा। यहां तक कि चंडीगढ़ में वाहनों की आवाजाही में भी इसका असर पड़ा है।
अंधड़ ने बिजली-पानी व्यवस्थाओं के उड़ाए ‘फ्यूज‘
तीन दिनों से लगातार चल रहे अंधड़ में गुरुवार को और तेजी के चलते जैसलमेर शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के साथ पेयजल आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी होती नजर आई है। जगह-जगह से ‘फॉल्ट‘ की सूचना पर डिस्कॉम के तकनीकी स्टाफ एक से दूसरी जगह दौड़ते रहे। इस दौरान कई-कई घंटों तक लोगों को बिना बिजली परेशान होना पड़ा। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 20 से ज्यादा बिजली के पोल धराशायी हो गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था को पटरी पर आने में अभी कम से कम दो दिन और लगने की संभावना है। फिलहाल डिस्कॉम प्रशासन पोकरण समेत जिले के बड़े गांवों में आपूर्ति को सुचारू बनाने पर ध्यान केंद्रित किए हुए है। जानकारी के अनुसार राजमथाई से मसूरिया लाइन के 13 खंभे उखड ग़ए। ऐसे ही हालात फतेहगढ़ उपखंड क्षेत्र में भी हुए हैं।
जैसलमेर के आसनी पथ पर गुरुवार सुबह एक भवन की बालकॉनी में लगी लोहे की रैलिंग धराशायी हो गई, जिसकी चपेट में आने से दो जनों के मामूली चोटें भी आई। सौभाग्यवश बड़ा हादसा टल गया। आपूर्ति तंत्र में च्फॉल्टज् बुधवार के बाद गुरुवार को भी तेज अंधड़ के चलते जैसलमेर मुख्यालय पर बिजली आपूर्तिव्यवस्था लगभग चौपट हो गई। दिन में जगह-जगह से आए फॉल्ट के कारण कई घंटों तक बिजली गुल रही। लोगों के यहां लगे इनवर्टर तक चूक गए और वे मोबाइल तक चार्ज करने से वंचित रह गए। विद्युत उपभोक्ता बिजली नहीं होने से परेशान रहे तो डिस्कॉम के अधिकारी और तकनीकी कार्मिक एक से दूसरे स्थान पर फॉल्ट आने की सूचनाओं के चलते हैरान। शहर में तार टूटने, डीपी के विद्युत पोल के क्षतिग्रस्त होने, फ्यूज उडऩे जैसी समस्याएं दसियों जगहों पर सामने आई। जिनकी मरम्मत करने में डिस्कॉम कर्मियों के पसीने छूट गए। विद्युत आपूर्ति तंत्र को पेड़ों के अंधड़ में झूलने और उनके बीच आई लाइनों के टूटने से बड़ा झटका लगा है। जबकि डिस्कॉम की तरफ से पिछले दिनों पेड़ों की छंटाई का अभियान भी चलाया गया था। इसके बावजूद अनेक पेड़ों को समय रहते छांटा नहीं जा सका।
मानसून वॉच
अगले एक सप्ताह तक दक्षिण पूर्वी राज्यों में मानसूनी हलचल सुस्त रहने वाली हैं। मौसम विभाग की सूचना के अनुसार मानसून सर्कुलेशन पैटर्न कमजोर हो रहा है। इसकेचलते फिलहाल दक्षिण पश्चिमी मानसून मुंबई, ओडिशा, कर्नाटक, तेलंगाना, मेघालय राज्यों में सक्रिय रहेगा। मानसून की उत्तरी राज्यों की ओर बढऩे की रफ्तार आगामी सप्ताहभर धीमी रहेगी।