जयपुर

Vehicle Monitoring: राजस्थान में शुरू हुई ई-डिटेक्शन प्रणाली, अब नियम तोड़ने पर सीधे कटेगा चालान, जानें कैसे होगी निगरानी

NHAI Toll Monitoring: राजस्थान में शुरू हुई ई-डिटेक्शन प्रणाली, अब नियम तोड़ने पर सीधे कटेगा चालान। तकनीक से बदलेगा यातायात नियंत्रण, उप मुख्यमंत्री ने किए दो नवाचार लॉन्च। अब वाहन दस्तावेज़ों की निगरानी टोल प्लाज़ा पर होगी ऑटोमैटिक।
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Jul 28, 2025
उप मुख्यमंत्री बैरवा ई-डिटेक्शन एप्लीकेशन एवं हाइपोथेकेशन रिमूवल मॉड्यूल का औपचारिक शुभारंभ करते हुए। फोटो-पत्रिका।
उप मुख्यमंत्री बैरवा ई-डिटेक्शन एप्लीकेशन एवं हाइपोथेकेशन रिमूवल मॉड्यूल का औपचारिक शुभारंभ करते हुए। फोटो-पत्रिका।

Rajasthan Transport: जयपुर। राज्य में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहल की गई है। उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने सोमवार को परिवहन विभाग द्वारा विकसित ई-डिटेक्शन एप्लीकेशन एवं हाइपोथेकेशन रिमूवल मॉड्यूल का औपचारिक शुभारंभ किया।

उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात नियमों के अनुपालन तथा आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए E-Detection System को राज्यभर में लागू किया जा रहा है। इस तकनीक के माध्यम से राज्य के टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों की स्वचालित निगरानी की जाएगी। यदि किसी वाहन के दस्तावेज मान्य नहीं पाए जाते हैं, तो उसके विरुद्ध स्वतः चालान जारी कर दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि पहले चरण में ट्रांसपोर्ट श्रेणी के वाहनों पर यह प्रणाली लागू की गई है, बाद में नॉन-ट्रांसपोर्ट वाहनों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। फिलहाल एनएचएआई के 145 तथा MoRTH के 13 टोल प्लाज़ा को इस प्रणाली से जोड़ा जा चुका है।

बैरवा ने यह भी कहा कि हाइपोथेकेशन रिमूवल मॉड्यूल के माध्यम से वाहन मालिक अब घर बैठे ही ऋण चुकाने के बाद अपने वाहन की हाइपोथेकेशन हटाने की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इससे फर्जी हाइपोथेकेशन हटाने की घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। वाहन मालिक को अब बैंक से प्राप्त एनओसी को ऑनलाइन अपलोड कर सुविधा प्राप्त होगी।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये डिजिटल पहलें यातायात क्षेत्र में पारदर्शिता, त्वरित कार्रवाई और नागरिक सुविधा में उल्लेखनीय सुधार लाएंगी।

Updated on:
28 Jul 2025 04:54 pm
Published on:
28 Jul 2025 04:50 pm