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Mangla Pashu Bima Yojana Rajasthan : जयपुर। मंगला पशु बीमा योजना और कृत्रिम गर्भाधान योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समय-सीमा में लक्ष्य पूरे नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार को पशुपालन निदेशालय में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री जोराराम कुमावत ने निर्देश दिए कि मंगला पशु बीमा योजना के तहत पशुओं का पंजीकरण, स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी करने और लंबित बीमा क्लेम का निस्तारण हर हाल में 30 जून 2026 तक पूरा किया जाए, ताकि पात्र पशुपालकों को समय पर लाभ मिल सके।
मंत्री जोराराम कुमावत ने योजनाओं की जमीनी पहुंच बढ़ाने के लिए पशुवार लक्ष्य भी तय किए। उन्होंने गाय, भैंस और बकरी का शत-प्रतिशत पंजीकरण 15 जुलाई 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं भेड़ और ऊंट का 80 प्रतिशत पंजीकरण 15 अगस्त 2026 तक पूरा करने को कहा।
सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों और ढाणियों में रहने वाले पशुपालकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण, बीमा पंजीकरण और सेक्स सॉर्टेड सीमन तकनीक के बारे में जानकारी दी जाएगी।
मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राज्य सरकार पशुपालकों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सेक्स सॉर्टेड सीमन तकनीक से उच्च नस्ल की दुधारू गायों और भैंसों की संख्या बढ़ेगी, जबकि मंगला पशु बीमा योजना पशुधन के नुकसान की स्थिति में आर्थिक संबल प्रदान करेगी।
बैठक में संयुक्त शासन सचिव दिनेश कुमार जांगिड़, पशुपालन निदेशक डॉ. सुरेशचंद मीणा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी जिलों के पशु चिकित्सा अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
Updated on:
26 Jun 2026 08:20 pm
Published on:
26 Jun 2026 08:20 pm
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