जयपुर

महापड़ाव में जुटे विद्युत कर्मचारी, घबराए प्रशासन ने अवकाश पर लगाई रोक, विद्युत आपूर्ति गड़बड़ाने की आशंका

बिजली कंपनियों के कनिष्ठ अभियंता और तकनीकी हेल्परों के सोमवार को जयपुर शहर में शुरू हुए महापड़ाव ने सरकार और बिजली कंपनियों की नींद उड़ा दी है।
3 min read
Sep 18, 2018
Discom
महापड़ाव में जुटे विद्युत कर्मचारी, घबराए प्रशासन ने अवकाश पर लगाई रोक, विद्युत आपूर्ति गड़बड़ाने की आशंका

भवनेश गुप्ता . जयपुर। राजधानी के जगतपुरा इलाके में एसकेआईटी कॉलेज के पीछे निजी जमीन पर जुटे तकनीकी कर्मचारियों ने मांगे नहीं मानने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने के लिए चेता दिया। करीब 8—9 हजार कर्मचारी पड़ाव में शामिल हुए, जिसके बाद उर्जा सचिव सहित बिजली कंपनियों के अफसरों की नींद उड़ गई। दोपहर होते—होते तो राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम, वितरण निगम ने कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही चेता दिया कि विद्युत आपूर्ति में खलल डालने या फिर दूसरे कर्मचारियों को उकसाने की स्थिति में मामला दर्ज कराया जाएगा।
इस बीच उर्जा मंत्री भी सक्रिय हुए, जिसके बाद कर्मचारी संगठनों को वार्ता के लिए बुलाया गया। उर्जा विभाग के प्रमुख शासन सचिव संजय मल्होत्रा के निर्देशन में हुई बैठक में सरकार स्तर पर ग्रेड—पे लागू करने के प्रयास की जानकारी दी गई, लेकिन कर्मचारी आदेश जारी करने पर अड़े रहे। ऐसे पहले दौर की वार्ता विफल रही। इसके बाद प्रशासन ने रेस्मा लागू करने पर मंथन शुरू कर दिया। इस बीच प्रशासन ने प्रदेशभर में विद्युत आपूर्ति सुचारू रूप से बनाए रखने के भी निर्देश दिए। हालांकि, ऐसे हालात में यदि विद्युत आपूर्ति में बड़ी तकनीकी खामी आती है तो जनता के लिए बड़ी परेशानी खड़ी होने की आशंका बन गई है। इससे निपटने के लिए बिजली कंपनियों के पास बहुत ज्यादा वैकल्पिक इंतजाम नहीं है।

उच्चाधिकारियों को 6 बिन्दुओं पर की पालना कराने के निर्देश..
—किसी भी कर्मचारी का अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा।
—जो भी कर्मचारी—अधिकारी अवकाश पर हैं, उन्हें तत्काल ज्वाइनिंग कराएं।
—ऐसे अधिकारी—कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराएं, जो कार्यालय में काम कर रहे हैं।
—कार्यालय में अनुपस्थिति को सेवा नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे कर्मचारी—अफसरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
—सुबह और दोपहर बाद दोनों समय हाजिरी की जाएगी और जो कर्मचारी—अधिकारी मौजूद नहीं हो उसकी अनुपस्थित लगाएं।
—काम में बाधा डालने वाले या दूसरों को हड़ताल—धरने में शामिल होने का दबाव बनाने वाले कर्मचारी—अधिकारियों के जानकारी तत्काल स्थानीय प्रशासन व पुलिस प्रशासन को दें।
—विद्युत सप्लाई बाधित नहीं हो, इसके पूरे इंतजाम किए जाएं।

चुनाव से पहले चेताया..
चुनाव से पहले कर्मचारी भी एकजुटता दिखा मौका भुनाने में जुट गए। मंच से सरकार को चुनाव में परिणाम भुगतने की चेतावनी तक दे डाली। इस बीच जितनी संख्या मेंं कर्मचारी पहुंचे, उसका अंदाजा तो बिजली कंपनियों को भी नहीं था।
पे—ग्रेड बढ़ोत्तरी सहित पांच सूत्रीय मांग को लेकर 9 कर्मचारी संगठनों ने समर्थन दिया। यह जानकारी सरकार तक पहुंची, लेकिन पड़ाव शुरू होने से पहले तक संगठनों को रोकने का प्रभावी प्रयास नहीं हुआ।

प्रशासन का दावा : 108 करोड़ का आएगा भार, कर्मचारियों ने नकारा
प्रशासन का दावा है कि वेतन शृंखला में बढ़ोत्तरी करने की स्थिति में करीब 108 करोड़ रुपए अतिरिक्त आर्थिक भार आएगा। जबकि, कर्मचारियों संगठनों से इसे नकारते हुए प्रति कर्मचारी 600 रुपए प्रति माह अतिरिक्त भार आने का दावा किया।

यह है 5 मांग
—आईटीआई योग्यताधारी कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से वेतन शृंखल्ज्ञ 2400 दी जाए। इसी तरह कनिष्ठ अभियंताओं को रोडवेज व माइन्स विभाग के समान 4800 की ग्रेड—पे हो। वहीं, अधिमानता के आधार पर हायर सैकण्डरी पास तकनीकी कर्मचारियों को कनिष्ठ लिपिक का पद दिया जाए।
—विद्युत निगमों में वेतन शृंखला 1 से 6 तक कार्यरत अधिकारी, कर्मचारियों की पदोन्नति 3 वर्ष में अनिवार्य हो। इसी तरह वेतन शृंखला 2 से 6 तक कार्यरत तकनीकी कर्मचारियों की वरिष्ठता सूची सभी निगमों में एक समान पदनाम हो।
—विद्युत निगमों में शत—प्रतिशत ठेका प्रथा बंद की जाए। ठेकेदारी प्रथा में कार्यरत कर्मचारियों को भर्तियों में प्राथमिकता मिले।
—वर्ष 2004 के बाद भर्ती कर्मचारियों पर लागू मेडिक्लेम पॉलिसी को कैशलेस किया जाए और पांचों निगमों में बकाया प्रोत्साहन राशि का वितरण हो। ऐसे कर्मचारियों के लिए पूर्व के समान पेंशन लागू की जाए।
—पांचों विद्युत निगमों के कर्मचारियों के लिए पारस्परिक स्थानांतरण नीति बने।

इन कर्मचारी संगठनों का समर्थन
प्रांतीय विद्युत मण्डल मजदूर फैडरेशन, पॉवर इंजीनियर एसोसिएशन आॅफ राजस्थान, बिजली इंजीनियर्स एसोसिएशन आॅफ जोधपुर डिस्कॉम, राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन, राजस्थान बिजली वर्कर्स फैडरेशन, आॅल राजस्थान इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फैडरेशन, विद्युत कामगार एकता फैडरेशन, राजस्थान विद्युत मण्डल सचिवालय कर्मचारी संघ, राजस्थान विद्युत कर्मचारी एवं मजदूर महासंघ।
————————————


—वार्ता में सभी संगठनों को सरकार स्तर पर ग्रेड—पे बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयास की जानकारी दे दी गई है। उनके स्तर पर धरना समाप्त करने की जानकारी नहीं दी गई। सभी कर्मचारी—अधिकारियों का अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। जो दूसरे कर्मचारियों पर कार्य बहिष्कार करने का दबाव डालेंगे, उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। —आर.जी. गुप्ता, अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, डिस्कॉम्स

—उर्जा विभाग ने तो सरकार के पास प्रस्ताव भेजने का रटारटाया जवाब दे दिया। यह तो कई माह से बताया जा रहा है। हमारा महापड़ाव जारी रहेगा, भले ही अनुमति बढाई जाए या नहीं। अवकाश निरस्त करने, गिरफ्तार करने या रेस्मा लागू करने की स्थितियों से घबराने वाले नहीं है। —बी.एल. मीणा, संचालन मण्डल प्रतिनिधि, राजस्थान विद्युत संयुक्त कर्मचारी एकता मंच

Published on:
18 Sept 2018 12:54 am
Also Read
View All
राजस्थान कांग्रेस में दो सीनियर नेताओं की होगी ‘घर वापसी’, टिकट नहीं मिलने के बाद की थी बगावत

पुराने हाईवे की वजह से अटके प्लॉटों को मिलेगा पट्टा, राजस्थान सरकार ने बदला नियम; नए सिरे से तय होगी सड़क की चौड़ाई

रामगढ़ बांध क्षेत्र में ये कैसा ‘बुलडोज़र एक्शन’? छोटे निर्माण धवस्त- रसूखदारों के फार्म हाउस-रिसॉर्ट्स जस के तस

राजस्थान सरकार के एक आदेश से 7 हज़ार ‘बेरोज़गारों’ को मिली सरकारी नौकरी, 5 हजार को तो गृह जिले में ही पहली पोस्टिंग

राजस्थान में निकाय चुनाव से पहले BJP का ‘बूथ अलर्ट’, संगठन ने शुरू की माइक्रो प्लानिंग, 61000 बूथों की होगी ग्रेडिंग