11 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान कांग्रेस में दो सीनियर नेताओं की होगी ‘घर वापसी’, टिकट नहीं मिलने के बाद की थी बगावत

Rajasthan Congress : राजस्थान कांग्रेस में दो पूर्व विधायकों खिलाड़ी लाल बैरवा और रामचंद्र सराधना की घर वापसी पर ब्रेक। पीसीसी में डोटासरा से मुलाकात के बाद अंदरूनी कलह तेज।
3 min read
Google source verification
Rajasthan Congress - File PIC

Rajasthan Congress - File PIC

राजस्थान कांग्रेस के सियासी गलियारों में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी से बागी होकर बाहर का रास्ता देखने वाले दो प्रमुख नेताओं और पूर्व विधायकों - खिलाड़ी लाल बैरवा और रामचंद्र सराधना की कांग्रेस में 'घर वापसी' की चर्चाएं जोरों पर हैं। मंगलवार को जब दोनों नेता अचानक जयपुर स्थित राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के वॉर रूम पहुंचे, तो इन अटकलों को और अधिक बल मिला कि दोनों की आधिकारिक जॉइनिंग होने वाली है।

दोनों नेताओं ने पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात की और फिर से पार्टी के लिए समर्पित भाव से काम करने की इच्छा जताई। जानकारी के अनुसार अनुशासन समिति द्वारा दोनों नेताओं की वापसी को हरी झंडी मिल गई है, लेकिन इसके बावजूद, पार्टी के अंदरूनी विरोध और स्थानीय स्तर पर नेताओं की नाराजगी के कारण उनकी री-जॉइनिंग पर फिलहाल ब्रेक लग गया है।

अंदरखाने अपनों का ही विरोध!

PCC वॉर रूम में डोटासरा से मुलाकात के बाद दोनों नेताओं को औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल करने की अटकलें लगने लगीं। लेकिन कांग्रेस के स्थानीय गुटों और मौजूदा नेताओं में नाराज़गी की खबरें भी निकलकर सामने आईं।

कांग्रेस सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार विराटनगर से पूर्व विधायक रामचंद्र सराधना की वापसी का सबसे मुखर विरोध विराटनगर क्षेत्र से ही कांग्रेस नेता इंद्राज गुर्जर और उनके समर्थक कर रहे हैं। चुनाव में सराधना के बागी रुख के कारण बने समीकरणों को लेकर उनका गुट असहज है। इधर, खिलाड़ी लाल बैरवा की वापसी को लेकर धौलपुर/बसेड़ी क्षेत्र में कांग्रेस जिलाध्यक्ष संजय जाटव और उनके समर्थक कड़ा ऐतराज जता रहे हैं।

कांग्रेस आलाकमान और प्रदेश नेतृत्व जानता है कि जिला स्तर और स्थानीय नेताओं को भरोसे में लिए बिना जल्दबाजी में ली गई री-जॉइनिंग से पार्टी के स्थानीय संगठन में फूट पड़ सकती है। इसलिए फिलहाल री-जॉइनिंग पर अंतिम मुहर लगाने से पहले नाराज धड़ों को मनाने की कवायद शुरू कर दी गई है।

खिलाड़ी लाल बैरवा: भाजपा से 4 महीने में ही हो गया था मोहभंग

खिलाड़ी लाल बैरवा का कांग्रेस छोड़ने और वापस आने का राजनीतिक घटनाक्रम काफी चर्चित रहा है। 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी से टिकट न मिलने से नाराज होकर बैरवा ने बागी तेवर अपना लिए थे। इसके बाद मार्च 2024 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया था।

हालांकि, बीजेपी में जाने के मात्र 4 महीने बाद ही (जुलाई 2024 में) उन्होंने यह कहते हुए भाजपा से इस्तीफा दे दिया कि उनकी विचारधारा बीजेपी के साथ मेल नहीं खाती। लंबे समय तक राजनीतिक वनवास काटने के बाद अब वे पूरी तरह से अपने पुराने घर यानी कांग्रेस में लौटने का मन बना चुके हैं।

रामचंद्र सराधना: अब फिर कांग्रेस का सहारा!

विराटनगर के पूर्व विधायक रामचंद्र सराधना की कहानी भी बैरवा से मिलती-जुलती ही है। 2023 के विधानसभा चुनाव के समय टिकट कटने से नाराज सराधना ने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया था। नाराजगी के दौर में वे चंद्रशेखर आजाद की 'आजाद समाज पार्टी' (ASP) में शामिल हो गए थे और वहां से चुनाव लड़ा था।

अब चुनाव के काफी समय बीत जाने के बाद उन्होंने पार्टी नेतृत्व के साथ पुरानी गलतफहमियों को दूर कर फिर से कांग्रेस परिवार में शामिल होने का फैसला किया है।

आगे क्या? नाराज गुटों को साधने के बाद ही री-जॉइनिंग

अनुशासन समिति से हरी झंडी मिलने के बावजूद खिलाड़ी लाल बैरवा और रामचंद्र सराधना का सियासी भविष्य फिलहाल पार्टी के आंतरिक समन्वय पर टिका है। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और प्रदेश नेतृत्व का पूरा प्रयास है कि पहले इंद्राज गुर्जर और संजय जाटव जैसे नेताओं को बैठाकर सहमति बनाई जाए ताकि निकाय व आगामी चुनावों से पहले पार्टी के भीतर किसी तरह का नया सिरदर्द न खड़ा हो। जब तक स्थानीय नेताओं की सहमति नहीं बनती, तब तक इन दोनों पूर्व विधायकों की आधिकारिक 'घर वापसी' अधर में ही लटकी रहेगी।

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग