भजनलाल सरकार प्रदेश के अति पिछड़ा वर्ग (MBC) के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह 'एक्शन मोड' में है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने मंगलवार को जयपुर स्थित अंबेडकर भवन में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली।
राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने मंगलवार को देवनारायण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सचिवालय स्तर के अधिकारियों के साथ गहन चर्चा की। अंबेडकर भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित इस बैठक में न केवल बजट की प्रगति जाँची गई, बल्कि जमीन पर योजनाओं के 'भौतिक स्वरूप' की भी समीक्षा हुई। बैठक में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह बैंसला और देवनारायण बोर्ड के प्रतिनिधियों ने भी समाज से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
मंत्री अविनाश गहलोत ने बैठक के दौरान देवनारायण छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों के शैक्षणिक परिणामों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मॉनिटरिंग का ही असर है कि इस बार बोर्ड परीक्षाओं में इन विद्यालयों के छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। सरकार का लक्ष्य इन छात्रों को करियर के और बेहतर अवसर प्रदान करना है।
बैठक में छात्रवृत्तियों और स्कूटी वितरण जैसी फ्लैगशिप योजनाओं की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई:
अति पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी काम हो रहा है:
यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण थी क्योंकि इसमें केवल एक विभाग नहीं, बल्कि आधा दर्जन से अधिक विभागों के अधिकारी मौजूद थे:
बैठक में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह बैंसला ने समाज की जमीनी समस्याओं और योजनाओं में सुधार के सुझाव रखे। अतिरिक्त मुख्य सचिव दिनेश कुमार ने अधिकारियों को पाबंद किया कि बैठक में आए सुझावों और समिति के विषयों पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।