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जयपुर। राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने बिजली कटौती और महंगी बिजली को लेकर राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने बयान जारी किया है कि कांग्रेस सरकार के मुखिया अशोक गहलोत और ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला 24 हजार 690 मेगावाट विद्युत उत्पादन के साथ राजस्थान को विद्युत क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने का दंभ भरते हैं। जबकि, हकीकत यह है कि राजस्थान में एक बार फिर कुप्रबंधन की वजह से समय पर कोयले की आपूर्ति नहीं हुई। इस कारण अरबों रुपए की लागत से बने अधिकतर थर्मल पावर प्लांट बंद होने के कगार पर हैं।
राठौड़ ने कहा कि कुप्रबंधन के कारण ही विद्युत उत्पादन करने वाले प्लांट तो बंद करने पड़ रहे हैं और एक्सचेंज से 20 रुपये प्रति यूनिट यानी कई गुणा महंगी दरों से बिजली खरीदी जा रही है। त्योहारी सीजन में विद्युत की मांग सबसे ज्यादा होती है, लेकिन राज्य सरकार के कुप्रबंधन की वजह से व्यापारी वर्ग और आमजन त्रस्त है। उन्होंने कहा है कि ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला को तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा दे देना चाहिए।