
प्रदेश के 22 बड़े बांध लबालब
राजस्थान प्रदेश के लिए मानसून अच्छी खबर लेकर आया है। राज्य के बांधों (Flow dips, Bisalpur Dam almost full) की भराव स्थिति से हर चेहरे पर मुस्कान है। प्रदेश में मानसून देरी से आया, पर कम समय में अच्छी बारिश से राजस्थान के बांधों में पानी की अच्छी आवक हो चुकी है। अभी लगभग एक महीने तक मानसून की अवधि शेष है।
बांधों में भराव की स्थिति के बारे में राज्य जल संसाधन आयोजन विभाग के मुख्य अभियंता केडी सांदू ने बताया कि राज्य में 22 बृहद बांध हैं। 20 अगस्त 2019 तक इनकी कुल भराव क्षमता 8104 मिलियन क्यूबिक मीटर के विरुद्ध 7085 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी की आवक हुई है। यह कुल भराव क्षमता का 87.4 प्रतिशत है। अब तक कोटा बैराज, माही बजाज सागर, हारो, बीसलपुर, मोरेल, गुढा, सोमकमला अम्बा, जवाहर सागर बांध और जाखम बांध पूर्ण रूप से भर गए हैं। बीसलपुर बांध के लबाबल होने से जयपुर, अजमेर और टोंक के लोगों में काफी हर्ष है। सांदू ने बताया कि राज्य में कुल 810 बांधों में से 285 बांध पूर्ण रूप से भर गए हैं और 357 बांधों में आंशिक रूप से पानी की आवक हुई है तथा 168 बांध अभी भी रिक्त हैं।
क्षमता का 77.16 प्रतिशत भराव
राज्य में बांधों की कुल भराव क्षमता का 77.16 प्रतिशत भराव प्राप्त हो चुका है, जबकि इसी समय पर पिछले वर्ष कुल भराव मात्र 46 प्रतिशत ही था। उन्होंने बताया कि राज्य में कोटा व उदयपुर सम्भागों में स्थित बांधों में सबसे अधिक जल की आवक हुई है, जबकि जयपुर व जोधपुर सम्भाग के बांधों में आवक अपेक्षाकृत कम रही है। कोटा और उदयपुर सम्भागों के बांधों में 80 प्रतिशत से अधिक का भराव प्राप्त हो चुका है ।
औसत बारिश 548 मिलीमीटर
सांदू ने बताया कि दक्षिणी पश्चिमी मानसून ने पूर्वी राजस्थान में 2 जुलाई 2019 और पश्चिमी राजस्थान में 19 जुलाई 2019 को प्रवेश किया। राजस्थान में 20 अगस्त 2019 तक की औसत वर्षा 385 मिली मीटर के विरुद्ध 548 मिलीमीटर वर्षा हुई है जो कि औसत से लगभग 42 प्रतिशत अधिक है। अब तक की वर्षा के अनुसार राज्य के 8 जिलों में औसत से अत्यधिक, 12 जिलों में औसत से अधिक, 8 जिलों में सामान्य वर्षा और 5 जिलों अलवर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर और करौली में औसत से कम वर्षा दर्ज की गई।