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Ganesh Chaturthi : ‘रील’ देखकर जयपुर चले आए देशभर के कुंवारे, मोतीडूंगरी गणेशजी का सिंजारा बना ‘मेहंदी उत्सव’

Ganesh Chaturthi : जयपुर में मोती डूंगरी गणेश मंदिर में मेहंदी लेने के लिए भारी भीड़ जमा हो गई है। ऐसा दावा किया जाता है कि मोती डूंगरी से प्रसाद में मिली मेहंदी लगाने से कुंवारे लड़के-लड़कियों की एक साल में शादी हो जाती है!
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Ganesh Chaturthi : मंदिर के आस-पास मेले जैसा हुजूम, दो घंटे पहले शुरू करना पड़ा मेहंदी का वितरण। फोटो- दिनेश डाबी

Ganesh Chaturthi : जयपुर. मेहंदी से जुड़ी शादी की बड़ी आस… यही आस्था रविवार को मोतीडूंगरी गणेशजी मंदिर तक देशभर से श्रद्धालुओं को खींच लाई। गणेश चतुर्थी पर्व से पहले रविवार को सिंजारा महोत्सव में गणेशजी को अर्पित मेहंदी लेने के लिए मंदिर के बाहर लंबी कतारें लगीं और भीड़ गणेश चतुर्थी के लक्खी मेले सी जैसी नजर आई। सोशल मीडिया पर वायरल रील ने इस बार मेहंदी उत्सव की उत्सुकता और बढ़ा दी।

सोशल मीडिया पर रील्स से बढ़ी भीड़

सोशल मीडिया पर वायरल रीलों में मेहंदी लगाने से कुंवारे युवक-युवतियों का विवाह होने की मान्यता के दावे ने उत्सुकता और बढ़ा दी। दिल्ली, चंडीगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, फरीदाबाद, मध्यप्रदेश, पुणे, इंदौर, भोपाल, आगरा और उत्तर प्रदेश सहित कई जगहों से लोग एक दिन पहले ही जयपुर पहुंच गए। तेज धूप और उमस के बीच कतारों में लोग छह से सात घंटे मेहंदी के लिए खड़े रहे। सात बजे मंदिर प्रबंधन को मेहंदी खत्म होने की घोषणा करनी पड़ी।

रात में पहुंचे युवा, मंदिर के बाहर सोए

श्रद्धालुओं की भीड़ शनिवार रात से ही मंदिर के बाहर जुटने लगी थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई लोग रात में ही मंदिर के बाहर आकर सो गए। दिन चढ़ने के साथ भीड़ लगातार बढ़ती गई। जेएलएन मार्ग तक श्रद्धालुओं की कतारें नजर आईं। कई जगह धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। महाराष्ट्र से आई एक महिला तेज गर्मी से बेहोश हो गई।

आगरा से आए दीपक ने कहा कि यहां की मेहंदी लगाने से शादी हो जाती है। यह रील देखकर जयपुर आया हूं। इंदौर से राधिका शर्मा अपने बेटे के लिए मेहंदी लेने आई हैं। इतनी भीड़ की उम्मीद नहीं थी। कई युवक अपने लिए तो माता-पिता बच्चों के लिए मेहंदी लेने पहुंचे। खेतड़ी से आए राधेश्याम और शैफाली ने बताया कि मैंने यहां की मेहंदी लेने वाले युवाओं की शादी होते भी देखी है, इसलिए लेने आया हूं। मंदिर के पास दुकान लगाने वाले रोशन शर्मा ने बताया कि उन्होंने 40 साल में ऐसी भीड़ नहीं देखी।

3500 किलो मेहंदी, प्रसाद के रूप में वितरण

मंदिर के महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि दो शताब्दी पहले महज सवा किलो मेहंदी से शुरू हुआ उत्सव आज मेहंदी उत्सव के रूप में देशभर में ख्यात हो गया। शाम 7.30 बजे सिंजारा पूजन के बाद मेहंदी वितरित की जानी थी, लेकिन भीड़ को देखकर शाम पांच बजे से वितरित की गई। सिंजारा के लिए सोजत से करीब 3500 किलो मेहंदी मंगवाई गई थी।

पहली बार मेहंदी में ही लाखों की संख्या में उमड़े श्रद्धालु

गणेश चतुर्थी पर मोती डूंगरी गणेश मंदिर में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन इस बार पहली बार गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले मेहंदी के अवसर पर ही लाखों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भीड़ को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल पहले से तैनात किया गया था। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया। श्रद्धालु शांतिपूर्वक कतार में लगकर व्यवस्था बनाए रखते हुए गणेशजी के दर्शन कर रहे हैं।
रंजीता शर्मा, डीसीपी ईस्ट