
आनंद यादव
जयपुर। नोटबंदी के एक साल बीतने से पहले ही राजधानी में नए नोटों के नकली नोट पकड़ में आना शुरू हो गए हैं। नकली नोटों के आने की पुष्टि सरकारी नुमाइंदों ने भी की है।
बैंक में राशि जमा कराने में विभाग के कैशियरों को हो रही है परेशानी
जलदाय विभाग में रोजाना जारी होने वाले पानी कनेक्शन पेटे बैंक में जमा कराई जा रही लाखों रुपए की रकम कैशियरों के लिए सिरदर्द बन गई है। विभाग में असली-नकली नोट की पहचान करने वाली मशीन नहीं होने से कैशियर लेवी राशि लेने में आनकानी कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर विभाग में नकली नोट पहचान करने वाली मशीन की खरीद की मांग जोर पकडऩे लगी है।
बैंक ने लौटाया 500 का नकली नोट
ताजा मामला सिटी सर्कल के प्रताप नगर उपखंड में सामने आया है। बीते सप्ताह बैंक में लेवी राशि जमा कराने पहुंचे कैशियर देवेंद्र सिंह को बैंक ने पांच सौ रुपए का नोट नकली होने का हवाला देकर लौटा दिया।
बैंक की मशीन से नकली नोट की हुई पहचान
बैंककर्मियों ने उन्हें मशीन से नोट की जांच में नकली होने की बात कहर नोट लेने से इनकार कर दिया। इस पर कैशियर ने अपनी जेब से पांच सौ रुपए का भुगतान किया और वापस कार्यालय लौट कर उपखंड सहायक अभियंता मंगतुराम को मामले की जानकारी दी।
खजांचियों ने मांगी अधिकारियों से मशीन
विभाग में नोट की पहचान करने वाली मशीन की खरीद को लेकर अब विभाग के खजांची मांग करने लगे हैं। बीते शुक्रवार को अधिशाषी अभियंता दक्षिण तृतीय को इस संबंध में ज्ञापन भी दिया गया है। इस पर अधिशाषी अभियंता ने मौखिक सहमति जताते हुए जल्द ही मशीन खरीदने का आश्वासन दिया है।