स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में परीक्षा केन्द्र प्रभारी पुलिस इंस्पेक्टर राजेंद्र प्रसाद सहित पांच आरोपी और गिरफ्तार किए हैं। सीआइडी सीबी में तैनात राजेन्द्र को झोटवाड़ा की दिवाकर पब्लिक स्कूल में बनाए परीक्षा केन्द्र का प्रभारी बनाया था। यहीं से 14 मई को दूसरी पारी का पेपर लीक हुआ था। इस मामले में स्कूल संचालक पति-पत्नी सहित आठ आरोपी पूर्व में गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में परीक्षा केन्द्र प्रभारी पुलिस इंस्पेक्टर राजेंद्र प्रसाद सहित पांच आरोपी और गिरफ्तार किए हैं। सीआइडी सीबी में तैनात राजेन्द्र को झोटवाड़ा की दिवाकर पब्लिक स्कूल में बनाए परीक्षा केन्द्र का प्रभारी बनाया था। यहीं से 14 मई को दूसरी पारी का पेपर लीक हुआ था। इस मामले में स्कूल संचालक पति-पत्नी सहित आठ आरोपी पूर्व में गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में मसूदा अजमेर निवासी शाहरूख खान व कंवर सिंह, मुरलीपुरा निवासी मनोज कुमार वर्मा, पूजा मामनानी और हरमाड़ा निवासी पुलिस निरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद शामिल हैं। शाहरूख खान और कंवर सिंह ने मुख्य अभियुक्त मोहन लाल उर्फ छोटू को फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध करवाया था।
एसओजी दिवाकर पब्लिक स्कूल में परीक्षा के दो दिन पहले लगाए गए वीक्षक मोहनलाल की तलाश में जुटी है। वीक्षक के पकड़े जाने के बाद पेपर लीक मामले में और कौन शामिल है, साथ ही पेपर किन लोगों तक पहुंचा इसका खुलासा होगा।
देरी से पहुंचा था निरीक्षक
दिवाकर पब्लिक स्कूल से पेपर लीक होने की सूचना एसओजी को 14 मई दोपहर 1.45 बजे मिल गई थी। आरोप है कि खुद निरीक्षक वहां देर से पहुंचा। पेपर खोलने के दौरान वह उपस्थित नहीं था। एडीजी भर्ती की ओर से स्पष्ट निर्देश थे कि पेपर खोलने के समय कौन-कौन उपस्थित रहेगा। सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट है कि उनमें से कोई उपस्थित नहीं था। इसके बावजूद कागजों में सबके हस्ताक्षर मिले हैं। सेंटर प्रभारी पुलिस निरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद ने इसे गम्भीरता से नहीं लिया। पूछताछ के बाद एसओजी ने उसे बुधवार देर रात गिरफ्तार कर लिया।